अंतिम चरण में प्रधानमंत्री सहित कई दिग्गजों की किस्मत का फैसला

Modi with folded hands in front of peoplePhoto Credit: Twitter Narendra Modi

लखनऊ। 19 मई को लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में उत्तर प्रदेश में कई प्रधानमंत्री सहित कई दिग्गजों की किस्मत का फैसला होगा। रविवार को प्रदेश की 13 सीटों पर मतदान होना है।

इस चरण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों में मनोज सिन्हा, अनुप्रिया पटेल, और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ़ महेंद्र नाथ पांडेय, पूर्व मंत्री आरपीएन सिंह और भोजपुरी फिल्म अभिनेता रविकिशन सहित कई दिग्गजों के लोकसभा क्षेत्र में वोट डाले जाएंगे।

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वाराणसी सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुकाबले कोई ऐसा दमदार प्रत्याशी नहीं है, जो उनसे टक्कर लेता दिख रहा हो। विपक्षी एकजुटता न होना मोदी के लिए वॉकओवर माना जा रहा है। यहां से पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के लड़ने की चर्चा थी। लेकिन बाद में कांग्रेस ने अपने पुराने प्रत्याशी अजय राय को टिकट दे दिया।

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Akhilesh with Shalini Yadav

Photo Credit: Twitter Samajwadi Party

गठबंधन की तरफ से समाजवादी पार्टी ने शालिनी यादव को प्रत्याशी बनाया है। बीजेपी को उम्मीद है कि वाराणसी में प्रधानमंत्री के चुनाव मैदान में होने से आस-पास की सीटों पर भी फायदा मिलेगा ।

गोरखपुर लोकसभा सीट को बीजेपी का गढ़ कहा जाता है। ये सीट पिछले लगभग 29 सालों से बीजेपी के पाले में रही है। लेकिन 2018 में हुए उपचुनाव में समाजवादी और बहुजन समाज पार्टी गठबंधन के प्रत्याशी प्रवीण निषाद ने इस सीट पर जीत दर्ज कराई थी। इस बार बीजेपी ने यहां से भोजपुरी फिल्मों के अभिनेता रविकिशन को उम्मीदवार बनाया है।

गठबंधन ने यहां से रामभुआल निषाद को मैदान में उतारा हैं। रामभुआल प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री और दो बार विधायक रहे हैं। पिछड़ों के बीच मजबूत पकड़ वाले नेता रामभुआल बीजेपी को कांटे की टक्कर दे रहे हैं। कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे मधुसूदन त्रिपाठी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में जुटे हैं।

बीजेपी मोदी के नाम, योगी के काम और गोरखपुर की दो साल में हुई तरक्की की बुनियाद पर चुनाव लड़ रही है। जबकि गठबंधन ने जातिगत समीकरण की मजबूत गोट बिछा रखी है। इस सीट पर मुख्यमंत्री योगी की भी प्रतिष्ठा दांव पर है।

चंदौली लोकसभा सीट से बीजेपी अध्यक्ष डॉ़ महेंद्र नाथ पांडेय चुनावी मैदान में हैं । उनकी राह इस बार आसान नहीं दिख रही। बनारस जिले की दो विधानसभा सीटों को शामिल कर बने इस संसदीय क्षेत्र से एसपी ने संजय चौहान को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की पत्नी शिवकन्या कुशवाहा को मैदान में उतारा है। पांडेय को एसपी-बीएसपी गठबन्धन से चुनौती मिल रही है, लेकिन गठबंधन में स्थानीय कलह का फायदा महेंद्र नाथ पांडेय को मिल सकता है।

Manoj Sinha during campaign in Gajipur Uttar Pradesh

Photo Credit: Twitter Manoj Sinha

आखिरी चरण में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा दो केंद्रीय मंत्रियों मनोज सिन्हा और अनुप्रिया पटेल के भी भाग्य का फैसला होना है। मनोज सिन्हा वाराणसी से सटी गाजीपुर सीट से बीजेपी उम्मीदवार हैं। गठबंधन ने यहां से अफजाल अंसारी को टिकट दिया है, जो बाहुबली मुख्तार अंसारी के भाई हैं। कांग्रेस ने अतीत प्रताप कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है।

अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं, जहां से गठबंधन एसपी के टिकट पर राजेंद्र एस. बिंद चुनाव मैदान में हैं। कांग्रेस ने ललितेश पति त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया है।

इसी चरण में कुशीनगर से पूर्व पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह की किस्मत का भी फैसला होना है। यहां से बीजेपी ने विजय दुबे को टिकट दिया है, जबकि गठबंधन की तरफ से एसपी के नथुनी प्रसाद कुशवाहा चुनाव मैदान में हैं।

अंतिम चरण में 19 मई को जिन सीटों पर वोटिंग होनी है, उनमें महराजगंज, गोरखपुर, बांसगांव, घोसी, कुशीनगर, देवरिया, सलेमपुर, वाराणसी, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, राबर्ट्सगंज और मिर्ज़ापुर शामिल हैं।