अफ्रीका में मौजूद नन्हा भारत है मॉरीशस

Temples in MauritiusTemples in Mauritius

भारत से तकरीबन 5100 किलोमीटर दूर अफ्रीका में एक देश ऐसा है जो बिल्कुल भारत जैसा है । यहां के रीति रिवाज़, पर्व त्योहार, खान-पान यहां तक कि संस्कार भी बिल्कुल भारतीय हैं । ये छोटा सा देश है मॉरीशस । भारत और मॉरीशस में इतनी समानताएं हैं कि इसे नन्हा भारत कहा जाता है । दरअसल इस द्वीप को नन्हा भारत बनाने वाले भारतीय ही हैं । मॉरीशस की 68 फीसदी आबादी भारतीय मूल के लोगों की है जिसमें लगभग 50 फीसदी हिंदू हैं ।

ब्रिटिश राज में भारत से मजदूरी के लिए मॉरीशस ले जाए गए थे भारतीय

मॉरीशस में भारतीय मूल के लोग वो हैं जिन्हें ब्रिटिश राज में मजदूरी के लिए ले जाया गया था । ये ‘गिरमिटिया मजदूर’ फिर वहीं के होकर रह गए । ये लोग रह तो मॉरीशस में रहे थे लेकिन इनके दिल में भारत बसता था इसीलिए इस द्वीप के हर कोने में भारतीयता की झलक दिखती है ।

यहां कई प्रसिद्ध हिंदू मंदिर हैं, यहां के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है महाशिवरात्रि जिसे सब लोग एकजुट होकर मनाते हैं । यहां गंगा नदी तो नहीं है लेकिन एक झील का नाम गंगा तालाब है, जिसे यहां रहने वाले लोग मां गंगा की तरह ही पवित्र मानते हैं ।

मॉरीशस में मनाई जाती है होली और दिवाली

सैकड़ों साल पहले भारत से मॉरीशस आए लोगों यहां भी अपनी परंपरा को जीवित रखा है । होली, दिवाली, दशहरा और रामलीला के मौकों पर यहां भी वैसी ही रौनक दिखती है जैसी भारत में होती है । यहां रहने वाले भारतीय मूल के लोगों ने अपने घर भी भारत की वास्तुकला के आधार पर बनवाए हैं । यहां भारतीय विषयों पर न सिर्फ गांव और गलियों के नाम रखे गए हैं,  बल्कि सिनेमाघरों,  दुकानों, बसों तक के नाम नालंदा,  सूर्यवंशी,  बनारस,  सम्राट अशोक और अजंता रखे गए हैं । यहां रहने वाले हिंदुओं ने अपने घर के आंगन में हनुमान जी की मूर्ति और लाल पताका लगा रखी है । कई भी रस्म हो या संस्कार, भारतीय परंपराओं का यहां रहने वाले भारतीय मूल के लोग बड़ी तन्मयता से पालन करते हैं । यहां भी सोहर, ललना गीत, विवाह के मंगल गीत गाए जाते हैं । शादियों में पूड़ी सब्जी खिलाई जाती है । गांवों में लोग बिरहा जैसे गीत गाते हैं । हिंदी, भोजपुरी गीत और उर्दु की गज़लें यहां भी लोकप्रिय हैं ।