अबकी बार 350 के पार, मोदी की नीति और नीयत ही सबसे बड़ा मुद्दा

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डॉ शिव कुमार राय। लोकसभा चुनाव 2019 के आखिरी चरण के मतदान समाप्त होते ही नतीजों के अनुमान का दौर शुरू हो गया है। पॉइंट आउट समूह पिछले एक साल से लगातार देश भर के मतदाताओं का मन टटोलने की कोशिश में जुटा था। हम देश के हर हिस्से में लोगों से उनके मन की बात जानना चाहते थे और इसके लिए हमने लोगों से औपचारिक और अनौपचारिक ढंग से मोदी सरकार के कामकाज को लेकर बात की। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्य में लोगों से बातचीत में हमें जातितंत्र टूटता और हारता दिखाई दिया। देश के हर हिस्से के लोगों की बात के आधार पर ही हमने अबकी बार 350 के पार का अनुमान लगाया है। यह अनुमान वास्तविक नतीजों में कितना तब्दील होता है, इसका पता तो 23 मई को ही चलेगा।

Narendra Modi in Varanasi

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मोदी की नीति और नीयत

उत्तर में कश्मीर से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक, पूर्व में अरुणाचल प्रदेश से लेकर पश्चिम में कच्छ तक में, मुद्दा न बेरोजगारी था और न रफ़ाल विमान का सौदा, न पुलवामा था और ना ही सर्जिकल स्ट्राइक,  देश के कोने कोने में सिर्फ और सिर्फ एक ही मुद्दा नज़र आया और वह था ‘नरेंद्र मोदी की नीति और नीयत’ और उस पर लोगों का भरोसा। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि ‘मेरी निष्ठा, मेरी नीयत और मेरी नीति का आंकलन कम ज्यादा तो हो सकता है, लेकिन कोई खोट नहीं निकाल सकता, ये मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं।’ नरेंद्र मोदी

विकास से  बढ़ा भरोसा 

देश में सड़कों की बढ़ती लंबाई-चौड़ाई हो या फिर गांवों में बिजली पहुंचाने की बात, गरीब की रसोई में गैस पहुंचाने का काम हो या फिर प्रधानमंत्री आवास, गांव-गांव में शौचालय का निर्माण हो या फिर गरीब लोगों के इलाज के लिए आयुष्मान योजना, गांवों को डिजिटल भारत से जोड़ने की दिशा में तेज़ी से किया काम हो या फिर जनधन खाते, इन कामों की लंबी चौड़ी फेहरिस्त है जिसने लोगों के मन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति और नीयत पर भरोसे को बढ़ा दिया।

मोदी के हाथों में देश सुरक्षित

प्रधानमंत्री के विरोधी भले ही उनकी विदेश यात्राओं पर सवाल उठाते रहे हों लेकिन विदेश नीति को ठीक से नहीं समझ पाने वाला आम आदमी भी यह कहता नज़र आया कि मोदी जी ने दुनिया में भारत की धाक बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल के वक्त जहां हुर्रियत कांफ्रेंस समेत तमाम अलगाववादी नेता सरकारी दामाद बनकर दिल्ली पहुंचते थे लेकिन मोदी के आने के बाद ऐसे लोग या तो हाशिए पर आ गए या सलाखों के पीछे पहुंच गए। राष्ट्रीय सुरक्षा पर नरेंद्र मोदी की नीति और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे कदम ने लोगों में यह भरोसा पैदा किया कि मोदी के हाथों में देश सुरक्षित है। मोदी से पहले भारत में जब भी कोई आतंकवादी हमला हुआ तो अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान को संयम बरतने की सलाह दी लेकिन पुलवामा हमले के बाद ऐसा पहली बार हुआ कि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह संदेश दिया कि भारत कुछ बड़ा करने जा रहा है।

लोकतंत्र के महापर्व में मतदान से उसी पवित्रता की अनुभूति, जैसे कुंभ मेले में स्नान : मोदी

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वोट सीधा मोदी के खाते में

इस चुनाव में देश की जनता भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार को नहीं बल्कि नरेंद्र मोदी को देख कर फैसला कर रही थी। खुद नरेंद्र मोदी भी अपनी रैलियों में लोगों से यह अपील कर रहे थे कि आपका वोट सीधे मेरे खाते में आएगा। पॉइंट आउट टीम ने जब बीजेपी की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को लेकर भोपाल में पहली बार मतदान करने जा रही युवा पीढ़ी से बात की, तो उनका कहना था कि आज के इस जमाने में प्रज्ञा ठाकुर श्राप देने की बात करती हैं, हमें वह पसंद नहीं है लेकिन जब यह पूछा गया कि फिर आप लोग किसको वोट देंगे तो इन लोगों का कहना था कि हमारा वोट मोदी जी को जाएगा। कुल मिलाकर लोकसभा चुनाव 2019 के यह अनुमान अगर सही साबित होते हैं तो यह नरेंद्र मोदी की नीति और नीयत पर देश की जनता के भरोसे की जीत होगी।