अमेरिका ‘एबटाबाद’ कर सकता है, तो भारत क्यों नहीं ; अरुण जेटली

दिल्ली । पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविर पर भारतीय वायु सेना की कार्रवाई  पर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि भारत भी एबटाबाद जैसी घटना को अंजाम दे सकता है । जेटली एबटाबाद में अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के खिलाफ हुई अमेरिकी कार्रवाई का हवाला दे रहे थे । 

अमेरिकी नौसेना की इकाई सील ने 2011 में बहुत ही गुपचुप तरीके से पाकिस्तान के एबटाबाद में घुसकर आतंकी सरगना ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था । लादेन अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले के बाद लगभग 10 साल तक पाकिस्तान में छिपा रहा था । 

जेटली ने कहा कि अपने सबसे बड़े वांछित अपराधी जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को मारकर भारत भी अमेरिका जैसी कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक कल्पना, एक इच्छा, एक हताशा, एक निराशा हुआ करती थी। लेकिन आज यह संभव है।” 

पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकवादी शिविर पर बमबारी की थी। मंगलवार तड़के लगभग 3.30 बजे, भारतीय वायुसेना के विमानों ने जैश-ए-मोहम्मद के शिविर पर हमला कर वहां मौजूद सैकड़ों आतंकवादियों को खत्म कर दिया था। भारत के विदेश सचिव ने इस घटना को आतंकवादी ठिकाने पर असैन्य कार्रवाई बताया था।

भारत ने कहा है कि जैश-ए-मोहम्मद की तरफ से एक और आत्मघाती हमले की साजिश की खुफिया जानकारी के बाद इस तरह की कार्रवाई की गई । 

आईएएनएस इनपुट के साथ