अयोध्या फैसला : विवादित ज़मीन पर बनेगा राम मंदिर, मस्जिद के लिए मिलेगी ज़मीन  

Supreme Court on CAA NPR

नई दिल्ली। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुआई वाली पाँच जजों की बेंच ने शनिवार को अयोध्या मामले में फैसला सुना दिया। देश की सर्वोच्च अदालत ने अपने फैसले में साफ़ कर दिया कि जन्मभूमि राम की है और इसके साथ ही विवादित ज़मीन पर राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया। संविधान पीठ ने कहा कि बाबरी मस्जिद खाली ज़मीन पर नहीं बनी थी और ढहाए गए ढाँचे के नीचे इस्लामी ढाँचा नहीं था।

मस्जिद निर्माण के लिए अलग से ज़मीन

देश की सबसे बड़ी अदालत के फैसले में कहा गया है कि मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में पाँच एकड़ ज़मीन अलग से दी जाएगी। अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा है कि 2.77 एकड़ ज़मीन केंद्र सरकार के अधीन रहेगी और इसके साथ ही अदालत ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने में एक ट्रस्ट बनाने का निर्देश भी दिया। सर्वोच्च अदालत की संविधान पीठ ने निर्मोही अखाड़ा और शिया वक्फ बोर्ड के दावों को खारिज कर दिया, हालाँकि अदालत ने यह कहा है कि निर्मोही अखाड़े को ट्रस्ट में जगह दी जाएगी।

Deepotsav Ayodhya

अयोध्या में दीपोत्सव की तस्वीर

मंदिर के ढाँचे के ऊपर ही मस्जिद

अदालत ने बाबरी मस्जिद विध्वंस पर साफ कहा कि यह कानून का उल्लंघन था लेकिन इसके साथ ही अदालत ने कहा कि बाबरी मस्जिद खाली ज़मीन पर नहीं बनी थी। एएसआई के मुताबिक मंदिर के ढाँचे के ऊपर ही मस्जिद बनाई गई थी।

आस्था के आधार पर फैसला नहीं

मुख्य न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आस्था के आधार पर फैसले नहीं लिए जा सकते हैं। हालांकि यह विवाद सुलझाने के लिए संकेतक हो सकता है। अदालत को लोगों की आस्था को स्वीकार करना होगा और संतुलन बनाना होगा। अदालत ने कहा कि राम जन्म भूमि कोई व्यक्ति नहीं है, जो कानून के दायरे में आता हो।

पुरातत्व रिपोर्ट पर भरोसा

अदालत ने पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट पर भरोसा जताते हुए कहा कि इस पर शक नहीं किया जा सकता। पुरातत्व विभाग की खोज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल में राम चबूतरा और सीता रसोई में पूजा हुआ करती थी। इसके सबूत हैं कि हिंदुओं के पास विवादित ज़मीन के बाहरी हिस्से पर कब्जा था। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को नई मस्जिद  निर्माण के लिए पाँच एकड़ ज़मीन अलग से दी जाए। (आईएएनएस इनपुट के साथ)