आंध्र प्रदेश के नए मुख्यमंत्री बने जगन, सार्वजनिक समारोह में ली शपथ

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विजयवाड़ा। हजारों समर्थकों के बीच वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने आज आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। रेड्डी पहली बार मुख्यमंत्री बने हैं।

इंदिरा गांधी म्यूनिसिपल स्टेडियम में राज्यपाल ई.एस.एल. नरसिम्हन ने एक सार्वजनिक समारोह में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानि डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन भी मौजूद थे।

विधानसभा चुनावों में में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को प्रचंड बहुमत से जीत दिलाने वाले जगन मोहन ने समारोह में दोपहर 12.23 बजे तेलुगू भाषा में शपथ ग्रहण की। यह समय उन्हें उनके सलाहकारों ने सुझाया था।

पिछले महीने हुए विधानसभा चुनावों में तेलगू देशम पार्टी को अब तक की सबसे बुरी हार देकर जगन पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के स्थान पर आए हैं। जगन नए आंध्र प्रदेश के दूसरे मुख्यमंत्री हैं।

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जगन नाम से लोकप्रिय वाईएसआरसीपी नेता यहां खुली छत वाले वाहन में खड़े होकर आए, और मुस्कराते हुए हाथ जोड़कर भीड़ का अभिवादन किया।

उनके शपथ लेना शुरू करते ही राज्य भर से आए वाईएसआरसीपी नेताओं और कार्यकर्ता खुशी से चिल्लाने लगे।

शपथ के शुरुआती शब्द बोलने के बाद वे थोड़ी देर के लिए रुक गए। वे अपने दिवंगत पिता को याद कर भावुक होते दिख रहे थे। उनके पिता वाईएसआर के नाम से लोकप्रिय थे।

राज्यपाल के वहां से जाते ही, जगन ने मौजूद लोगों को संबोधित किया। मंच पर उनके साथ चंद्रशेखर राव, स्टालिन और जगन की मां वाई.एस. विजयलक्ष्मी भी थीं।

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इस अवसर पर ईसाई, मुस्लिम, हिंदू पुजारियों ने जगन को आशीर्वाद दिया और उनकी सफलता और राज्य की समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

जगन के शपथ लेते ही उनकी मां विजयलक्ष्मी भावुक हो गईं।

कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस.राजशेखर रेड्डी के बेटे जगन विधानसभा चुनावों में पुलिवेंडुला से दोबारा चुने गए। वे दो बार कडपा लोकसभा से भी चुने जा चुके थे। जगन रायलसीमा क्षेत्र के कडपा जिला के निवासी हैं।

जगन ने हेलीकॉप्टर दुर्घटना में अपने पिता के निधन के डेढ  साल बाद 2011 में कांग्रेस छोड़ दी थी।

जैसे वाईएसआर ने साल 2004 में अविभाजित आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद शपथ ली थी, वैसे ही जगन ने सार्वजनिक समारोह में शपथ ग्रहण किया और पहली फाइल पर हस्ताक्षर किए।

जनसमूह को संबोधित करते हुए स्टालिन ने जगन को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि जगन वाईएसआर की राजनीतिक विरासत को आगे ले जाएंगे।

चंद्रशेखर राव ने अपने संबोधन में वाईएसआरसीपी की भारी जीत के लिए जगन और आंध्र प्रदेश की जनता को बधाई दी।