आयुष्मान भारत योजना की सौगात से 12 लाख लोगों को मिला फायदा

नई दिल्ली । आयुष्मान भारत योजना के तहत 150 दिनों के भीतर 12 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा हुआ है ।  इस योजना का उद्देश्य भारत के 40 फीसदी नागरिकों को अस्पताल में दाखिले के बाद हर तरह की स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना सुनिश्चित करना है । सरकार की तरफ से अब तक 1,600 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया गया है । प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत देश के 10 करोड़ परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मिल रहा है।

क्या है आयुष्मान भारत योजना का लक्ष्य?

इस योजना के  माध्यम से सरकार का लक्ष्य गरीब, उपेक्षित परिवार और शहरी गरीब लोगों के परिवारों को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराना है।
सरकार की कोशिश यह है कि महिला, बच्चे और सीनियर सिटीजन को आयुष्मान भारत योजना में खास तौर पर शामिल किया जाया। इस योजना में शामिल होने के लिए परिवार के आकार और उम्र का कोई बंधन नहीं है। सरकारी अस्पताल और पैनल में शामिल अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों का कैशलेस/पेपरलेस इलाज हो सकेगा ।

आयुष्मान भारत योजना की योग्यता का निर्धारण

सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना 2011 के हिसाब से ग्रामीण इलाके के 8.03 करोड़ परिवार और शहरी इलाके के 2.33 करोड़ परिवार आयुष्मान भारत योजना के दायरे में आयेंगे।

आयुष्मान भारत योजना में शामिल होने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों की योग्यता :

  • ग्रामीण इलाके में कच्चा मकान, परिवार में किसी व्यस्क (16-59 साल) का नहीं होना, परिवार की मुखिया महिला हो, परिवार में कोई दिव्यांग हो, अनुसूचित जाति/जनजाति से हों और भूमिहीन व्यक्ति/दिहाड़ी मजदूर
  • इसके अलावा ग्रामीण इलाके के बेघर व्यक्ति, निराश्रित, दान या भीख मांगने वाले, आदिवासी और क़ानूनी रूप से मुक्त बंधुआ आदि खुद आयुष्मान भारत योजना में शामिल हो जाएंगे।

शहरी इलाके के लिए आयुष्मान भारत योजना में शामिल होने की योग्यता

भिखारी, कूड़ा बीनने वाले, घरेलू कामकाज करने वाले, रेहड़ी-पटरी दुकानदार, मोची, फेरी वाले, सड़क पर कामकाज करने वाले लोग।  कंस्ट्रक्शन साईट पर काम करने वाले मजदूर, प्लंबर, राजमिस्त्री, मजदूर, पेंटर, वेल्डर, सिक्योरिटी गार्ड, कुली और भार ढोने वाले कामकाजी व्यक्ति, स्वीपर, सफाई कर्मी, घरेलू काम करने वाले, हैंडीक्राफ्ट का काम करने वाले लोग, टेलर, ड्राईवर, रिक्शा चालक, दुकान पर काम करने वाले लोग आदि आयुष्मान भारत योजना में शामिल होंगे.

योजना में अस्पताल में भर्ती की प्रक्रिया

आयुष्मान भारत योजना का लाभार्थी अस्पताल में एडमिट होने के लिए कोई चार्ज नहीं चुकाएगा। अस्पताल में दाखिल होने से लेकर इलाज तक का सारा खर्च इस योजना में कवर किया जायेगा। आयुष्मान भारत योजना के लाभ में अस्पताल में दाखिल होने से पहले और बाद के खर्च भी कवर किये जायेंगे। अस्पताल में एक आयुष्मान मित्र होगा। वह मरीज की मदद करेगा और उसे अस्पताल की सुविधाएं दिलाने में मदद करेगा। अस्पताल में एक हेल्प डेस्क भी होगा जो दस्तावेज चेक करने, स्कीम में नामांकन के लिए वेरिफिकेशन में मदद करेगा।

किस अस्पताल में होगा योजना के लाभार्थी का इलाज?

सभी सरकारी अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी इलाज करा सकते हैं। इसके साथ ही सरकार के पैनल में शमिल निजी अस्पताल में भी आयुष्मान के लाभार्थी इलाज करा सकते हैं।

पैनल में शामिल होने के लिए निजी अस्पताल में कम से कम 10 बेड और इसे बढ़ाने की क्षमता होनी चाहिए।

लाभार्थी योजना के लिए सरकार की तरफ से जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर्स 14555 पर भी कॉल कर सकते हैं

योजना के लाभार्थी की योग्यता क्या है?

आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने के लिए कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं है। एक बार योग्य होने पर आप सीधे इलाज करा सकते हैं। सरकार द्वारा चिन्हित परिवारों के लोग आयुष्मान भारत योजना में शामिल हो सकते हैं।

केंद्र सरकार सभी राज्य सरकार और इलाके की अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ आयुष्मान भारत योजना के लिहाज से योग्य परिवार की जानकारी साझा करेगी। उसके बाद इन परिवारों को एक फैमिली आइडेंटिफिकेशन नंबर मिलेगा। लिस्ट में शामिल लोग ही आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठा सकेंगे।

आईएएनएस इनपुट के साथ