डाटा एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्रों में हैं बेहतर करियर ऑप्शंस

image of a laptop showing dataData Analysis

अच्छी नौकरी और मोटी सैलरी किसे नहीं चाहिए होती है लेकिन इसके लिए ज़रूरी है कि सही दिशा में समुचित कोशिश की जाए । भारत की 62 फीसदी आबादी 15 से 59 साल के बीच है, यानि 70 करोड़ से ज्यादा का वर्कफोर्स भारत में मौजूद है । ऐसे में अपने लिए जगह बनाने के लिए बहुत ज़रूरी है कि शिक्षा के साथ साथ ज़रूरी स्किल भी हासिल किया जाएं ।

आने वाले वक्त में कंप्यूटर और इससे जुड़े क्षेत्रों में नौकरिया बढ़ेंगी । इस फील्ड में नए स्किल सीखने की ज़रूरत होती रहती है और अगर आप में ये स्किल हैं तो अच्छी नौकरी मिलने की संभावना बढ़ जाती है । डाटा एनालिटिक्स, रिसर्च और डेवलपमेंट, आर्टीफिशिएल इंटेलीजेंस, कॉन्सेप्ट डिज़ाइन और रोबोटिक्स ऐसे ही कुछ क्षेत्रों में शामिल हैं ।

डाटा एनालिटिक्स

डाटा एनालिटिक्स यानि ऐसी तकनीक और प्रक्रिया जिसके इस्तेमाल से बिज़नेस को बढ़ाया जा सकता है । तकनीकों ने आजकल बिज़नेस करना काफी आसान कर दिया है लेकिन इसकी वजह से डाटा भी काफी बढ़ जाता है । ऐसे में इस डाटा को सहेजना और सही तरीके से इसका एनालिसिस कर इसका इस्तेमाल करना काफी मुश्किल है । डाटा एनालिटिक्स के ज़रिए इस काम को किया जा सकता है, इसीलिए हर बिजनेसमैन को एक काबिल डाटा एनालिस्ट की ज़रूरत होती है ।

रिसर्च और डेवलपमेंट

ये क्षेत्र किसी भी कॉरपोरेट या सरकारी कंपनी के लिए काफी मायने रखता है । कंपनियां इसका इस्तेमाल नई सेवाएं देने या प्रोडक्ट बनाने के लिए करती हैं । कई बार अपनी सेवाएं बेहतर करने के लिए भी रिसर्च काफी ज़रूरी हो जाता है । ऐसे में ज्यादातर कंपनियों में रिसर्च और डेवलपमेंट का अलग से एक विभाग होता है, और कंपनियों को अच्छे प्रोफेशनल्स की ज़रूरत होती है ।

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस

आने वाला वक्त आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का है, ये कंप्यूटर से जुड़ा हुआ क्षेत्र है जो बुद्धिमान मशीनें बनाने पर ज़ोर देता है । ऐसी मशीनें जो इंसानों की तरह काम करें और उसी तरह रिएक्ट करें । नॉलेज इंजीनियरिंग और मशीन लर्निंग आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के दो अहम हिस्से हैं । दरअसल मशीन तभी इंसानों की तरह काम कर सकते हैं जब मशीन में तकनीक, विज्ञान के साथ-साथ सामाजिक पहलुओं की ज्यादा से ज्यादा जानकारी हो ।  नॉलेज इंजीनियिरिंग के तहत इन जानकारियों के आधार पर सिस्टम तैयार किए जाते हैं । वहीं मशीन लर्निंग ऐसे कंप्यूटर प्रोग्राम्स तैयार करना है जो मौजूद जानकारियों को पढ़ सके और इसका इस्तेमाल कर सके ।

कॉन्सेप्ट डिज़ाइन

कंपनियां किसी भी नए प्रॉडक्ट को लाने से पहले रिसर्च और एनालिसिस का सहारा लेती हैं । इसके जरिए कस्टमर की ज़रूरतों को समझा जाता है । कॉन्सेप्ट डिजाइन किसी भी नए प्रॉडक्ट को लेकर शुरुआती खाका तैयार करने को कहते हैं । कॉन्सेप्ट डिजाइन करने के लिए ये ज़रूरी है कि व्यक्ति में उपभोक्ताओं की जरूरतों को समझने की क्षमता हो और उसके आधार पर वो नए प्रॉडक्ट को लेकर कॉन्सेप्ट भी तैयार कर सके ।

रोबोटिक्स

रोबोटिक्स इंजीनियरिंग और साइंस के तहत आता है जिसमें मैकेनिकल इंजनीयरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस शामिल है । रोबोटिक्स रोबोट्स के डिजाइन, निर्माण, ऑपरेशन और इस्तेमाल के बारे में बताता है । इसकी पढ़ाई कर आप इस फील्ड में साइंटिस्ट, इंजीनियर या टेक्नीशियन की नौकरी पा सकते हैं ।