उन्नाव मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने रेप पीड़िता की चिट्ठी पर मांगा जवाब

Supreme Courtसर्वोच्च न्यायालय

नई दिल्ली सर्वोच्च न्यायालय ने उन्नाव रेप पीड़िता और उसके परिवार की तरफ से सुरक्षा की मांग को लेकर लिखी गई चिट्ठी को लेकर न्यायालय की रजिस्ट्री से जवाब मांगा है। रजिस्ट्री को एक हफ्ते के अंदर अपना जवाब दाखिल करना होगा।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। उन्नाव रेप पीड़िता और उसके परिवार ने 12 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट को लिखी चिट्ठी में उन्हें धमकाए जाने का ज़िक्र किया था। ये चिट्ठी 17 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री को मिल गई थी । हालांकि ये चिट्ठी मुख्य न्यायाधीश तक नहीं पहुंची। पीड़िता के परिवार ने अपने बयान में सुप्रीम कोर्ट को चिट्ठी लिखने का जिक्र किया था। मुख्य न्यायाधीश ने इस का स्वत: संज्ञान लेते हुए अब रजिस्टिरी से जवाब मांगा है ।

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पीड़िता और उसके परिवार ने अपनी चिट्ठी में आरोप लगाया था कि कुलदीप सिंह सेंगर के गुंडे उन्हें फर्जी केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। उन्हें धमकाया जा रहा है कि वो विधायक के खिलाफ केस वापस लें नहीं तो भुगतने को तैयार रहें। इस चिट्ठी के साथ आरोपी की तस्वीरें और एक वीडियो रिकॉर्डिंग भी भेजी गई थी। इस चिट्ठी में पीड़िता और परिवार ने उन्हें सुरक्षा दिए जाने की मांग की थी ।

सुप्रीम कोर्ट ने तलब की पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट

हालांकि सुप्रीम कोर्ट में इस चिट्ठी के मुख्य न्यायाधीश के सामने आने से पहले ही पीड़िता और उसके परिवार के लोग भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गए। जिसमे पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो चुकी है। पीड़िता और उसका वकील अपनी ज़िंदगी की जंग लड़ रहे हैं । मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने इस मामले में पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट भी तलब की है।

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किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज की तरफ से मंगलवार को जारी किए गए मेडिकल बुलेटिन में कहा गया है कि पीड़िता को गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत बेहद नाजुक है, पीड़िता अभी भी वेंटीलेटर पर ही है।

मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक पीड़िता के फेफड़ों में चोटें आई हैं, दाहिने कॉलर की हड्डी टूटी है और फेफड़ों में ब्लीडिंग हो रही है। ब्लड प्रेशर गिर रहा है । पीड़िता लगातार लाइफ सपोर्ट पर है।