एक्जिट पोल के बाद मध्य प्रदेश में राजीनितक हलचल तेज़

भोपाल। एक्जिट पोल में बीजेपी को बढ़त के बाद मध्य प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। सूबे के नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखा है जिसमें मध्य प्रदेश विधानसभा का सत्र बुलाए जाने की मांग रखी गई है ।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाए हैं कि प्रदेश में पीने के पानी का गंभीर संकट, कानून व्यवस्था की खराब स्थिति को देखते हुए लोग परेशान हैं। गोपाल भार्गव ने लिखा है, “विधानसभा का गठन हुए और नई सरकार के प्रभाव में आए लगभग छह महीने बीत चुके हैं। इस दौरान प्रदेश में अनेक ज्वलंत और तात्कालिक महत्व की दिक्कतें पैदा हो चुकी हैं। भार्गव ने राज्यपाल से अपील की है कि विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए मुख्यमंत्री को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के निर्देश दें।

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भार्गव ने अपने पत्र में ये राज्य सरकार पर ये भी आरोप लगाए हैं कि किसानों के गेहूं और चने की खरीदी और मूल्य का भुगतान नहीं हो पा रहा है। किसानों की ऋणमाफी को लेकर किसान भ्रमित और परेशान हैं। पहले से चलाई जा रही संबल योजना और बाकी योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को नहीं मिल रहा है।

लोकसभा चुनाव को लेकर आए एक्जिट पोल में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद भार्गव ने कहा, मध्य प्रदेश में कांग्रेस को दो-तीन सीटें मिलने वाली हैं ये इस बात का संकेत है कि वर्तमान सरकार ने जनता का भरोसा खो दिया है।

भार्गव ने आगे कहा, “विधानसभा सत्र में सत्ताधारी दल की शक्ति का भी परीक्षण हो जाएगा। कांग्रेस के पास दूसरों के सहयोग से बहुमत है,  बीजेपी चाहती तो वह भी जोड़-तोड़ करके सरकार बना सकती थी, मगर बीजेपी ने ऐसा नहीं किया।”

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मध्य प्रदेश के 230 सदस्यों वाली राज्य विधानसभा में कांग्रेस के 114  और भारतीय जनता पार्टी के 109 विधायक हैं। कांग्रेस सरकार बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से चल रही है।

लोकसभा चुनाव को लेकर आए सर्वे में राज्य की 29 सीटों में से कांग्रेस को अधिकतम पांच सीटें मिलने की बात कही गई है।