एक कमरे वाले घर को भूला नहीं हूं : पंकज त्रिपाठी

Pankaj TripathiPhoto Credit: Facebook Pankaj Tripathi

मुंबई । अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने मड आइलैंड में एक घर खरीदा है। स्त्री, फुकरे, बरेली की बर्फी, मसान जैसी फिल्मों से वाहवाही लूट चुके पंकज त्रिपाठी बिहार के गोपालगंज से हैं।

अपने अभिनय से लोगों के दिलों पर छाप छोड़ जाने वाले पंकज त्रिपाठी कहते हैं कि वे अभी तक यह नहीं भूले कि वह कहां से आए हैं।

अपनी नई वेब सीरीज ‘क्रिमिनल जस्टिस’ से तारीफ पा रहे पंकज का मानना है कि अपार सफलता पाने के बाद भी वह अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं और यही उनके बेहतरीन काम का राज है।

पंकज ने कहा, “आज मेरी पत्नी मृदुला और मैं हमारे सपनों का घर में हैं, लेकिन मैं पटना में अपनी टिन की छत वाले एक कमरे को नहीं भूल पाया हूं। एक रात बारिश और हवा इतनी तेज थी कि टिन की एक चादर उड़ गई और मैं नंगे आसमान की ओर देख रहा था।”

पंकज ने कहा, “यह हमारा सपनों का घर था, समुद्र के किनारे एक घर। आखिरकार, मैंने अब मड आइलैंड में हमारा सपनों का घर खरीद लिया है। अपने नए घर में आने के बाद मेरी पत्नी बहुत भावुक हो गई।”

‘क्रिमिनल जिस्टिस’ में पंकज के काम की बहुत तारीफ हो रही है और उनका मानना है कि यह उनके करियर का अबतक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है।

पंकज ने कहा, “‘क्रिमिनल जस्टिस’ की बहुत तारीफ हो रही है। अभिनय के बारे में जानने वाले लोग मेरी प्रशंसा कर रहे हैं। मनोज वाजपेयी ने कहा, ये तू क्या कर रहा है? कैसे कर रहा है? मनोज भाई मेरे आदर्श और प्रेरणा हैं क्योंकि वे भी ग्रामीण बिहार से आए थे और मुझे लगा कि अगर वह अभिनेता बन सकते हैं तो मैं क्यों नहीं? यह एक अच्छा अहसास है।”

उन्होंने कहा, “कुछ साल पहले तक, मैं हर वो रोल करता था जो मुझे ऑफर किया जाता था। अब मैं उस स्थिति में पहुंच गया हूं कि अपने रोल खुद चुन सकता हूं।”

हालांकि ये दिलचस्प बात है कि पंकज त्रिपाठी को शुरुआत से फिल्मों का कोई शौक नहीं था । उनका रुझान सांस्कृतिक चीजों की तरफ था । पंकज 21 साल की उम्र में साइकिल पर बैठकर बिस्मिल्लाह खान के कॉनसर्ट में जाया करते थे।

पंकज कहते हैं, ‘मेरी सिनेमा में कोई रुचि नहीं थी, मुझे थिएटर पसंद था। मैंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से कोर्स किया और थिएटर में करियर बनाने के लिए बिहार आ गया।‘

पंकज ने कहा, “मुझे जल्द ही एहसास हुआ कि थिएटर में कोई भविष्य और पैसा नहीं है। मैंने मुंबई आने का फैसला लिया जहां फिल्मों में अभिनय करना ही एक अच्छा विकल्प था।”