ऐसे शब्दों के इस्तेमाल से देश की छवि खराब हो रही है: गडकरी

Nitin GadkariPhoto Credit: Twitter Nitin Gadkari

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि चुनाव में राजनैतिक दल जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं इससे देश की छवि खराब हो रही है। गडकरी ने कहा, “पूरी दुनिया भारत में हो रहे घटनाक्रम को देख रही है। जिस तरह से राजनीतिक पार्टियों के बीच शब्दों का आदान-प्रदान हो रहा है, इससे देश की खराब छवि बन रही है।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि ‘मौजूदा सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और प्रदर्शन’ को लेकर राजनीतिक लड़ाई होनी चाहिए और भविष्य को लेकर विपक्ष किस प्रकार का दृष्टिकोण दे सकता है, इस तरह की चर्चा से लोकतंत्र का पूरा परिदृश्य बदल सकता है।”

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इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम लिए जाने को ‘प्रतिक्रिया’ बताया है । गडकरी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के लगातार अपमान की प्रतिक्रिया में ही पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम आया । कांग्रेस लगातार नरेंद्र मोदी का अपमान करती रही है, ऐसे में उनकी तरफ से राजीव गांधी पर हमला किए जाने को लेकर मोदी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को ‘भ्रष्टाचारी नंबर एक’ कहा था। कई लोगों का मानना था कि यह बयान उनके पद की मर्यादा के खिलाफ था।

नितिन गडकरी ने प्रधानमंत्री को ‘चोर’ कहने के लिए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया, गडकरी ने कहा कि ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसी भाषा का प्रयोग प्रधानमंत्री का पद संभाल रहे शख्स के लिए किया गया ।

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गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा के प्रयोग से देश की ‘खराब छवि’ बनती है, खासकर तब जब पूरी दुनिया सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनाव को करीब से देख रहा है। “प्रधानमंत्री केवल बीजेपी के प्रधानमंत्री नहीं हैं, मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं। ये सभी राजनीतिक दलों और देश के लोगों का कर्तव्य है कि जो भी इस पद को संभाले, उनका सम्मान करें।”

उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के चार स्तंभों-न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया को यह देखना चाहिए कि कैसे ‘राजनीतिक जीवन में गुणवत्ता को बढ़ाया जाए और कैसे हम इस तरह के बदलाव कर सकते हैं जो लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण हो।’