कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा जारी, अब तक 1.44 लोगों ने किए दर्शन

Amarnath YatraPhoto Credit: Twitter DD News Live

जम्मू। अमरनाथ यात्रा के लिए आज जम्मू से 5,395 श्रद्धालुओं का एक और जत्था रवाना हुआ। इस साल 1 जुलाई से यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 1.44 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।

अमरनाथ गुफा समुद्र तल लगभग 3,888 मीटर ऊपर स्थित है। पहाड़ी के दुर्गम रास्तों पर जमी बर्फ से होते हुए श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर रहे हैं। 5,395 यत्रियों का एक और जत्था आज सुबह भगवती नगर यात्री निवास से घाटी के लिए दो सुरक्षा काफिले में रवाना हुआ है।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अमरनाथ यात्रा शुरू

पुलिस के मुताबिक, “इनमें से 1,966 यात्री बालटाल बेस कैंप जा रहे हैं जबकि 3,429 यात्री पहलगाम बेस कैंप से आगे की यात्रा करेंगे।”

तीर्थयात्री पवित्र गुफा तक जाने के लिए या तो अपेक्षाकृत छोटे 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से जाते हैं या 45 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग से जाते हैं।

दोनों बेस कैंप तीर्थ यात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर की सेवाएं भी दी जाती हैं ।हेलीकॉप्टर पंजतरणी तक जाता है वहां से अमरनाथ गुफा लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर है। ये दूरी पैदल तय करनी होती है हालांकि पैदल चलने में असमर्थ लोग घोड़े या पालकी से जा सकते हैं।

यात्रा में दिखता है धार्मिक समभाव

यहां घोड़े, पालकी, टेंट, चाय या छोटे-मोटे सामान बेच रहे ज्यादातर लोग मुस्लिम होते हैं, जो तीर्थयात्रियों की यात्रा को सुविधाजनक बनाने में बढ़-चढ़कर सहायता करते हैं। हालांकि इस यात्रा से इनकी रोज़ी-रोटी जुड़ी होती है लेकिन इससे बढ़कर हिंदू तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए ये ज़ोखिम उठाने से पीछे नहीं हटते।

इस साल अमरनाथ यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए पहली बार श्रीनगर जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग के कुछ हिस्सों को सामान्य यातायात को रोज़ाना दो घंटे के लिए बंद किया जाता है। ये फैसला खासकर पुलवामा में हुए आतंकी हमले के मद्देनज़र लिया गया है। हालांकि स्थानीय नेताओं ने इस व्यवस्था का विरोध कर विवाद खड़ा कर दिया है।

अमरनाथ यात्रा 15 अगस्त तक चलने वाली है। श्रावण पूर्णिमा के साथ इस यात्रा का समापन हो जाएगा।