कर्नाटक : विश्वास मत के परीक्षण की मांग कर सकती है बीजेपी

बेंगलुरू। प्रदेश में  सरकार बनाने की कोशिश कर रही भारतीय जनता पार्टी संकट में आई जनता दल सेक्युलर और कांग्रेस की गठबंधन सरकार के खिलाफ विश्वास मत का परीक्षण कराने की मांग कर सकती है । बीजेपी के एक अधिकारी के मुताबिक पार्टी के नेता कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला और विधानसभा अध्यक्ष के.आर. रमेश से मुलाकात करने वाले हैं ।

बीजेपी प्रवक्ता जी. मधुसूदन ने कहा, “हमारे पार्टी नेता आज राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात कर विधानसभा में विश्वास मत के परीक्षण में उनके दखल की मांग करेंगे क्योंकि 16 विधायकों के इस्तीफा देने के बाद गठबंधन सरकार अल्पमत में आ गई है।”

राज्यपाल से मिलने के लिए जाने से पहले बीजेपी के प्रदेश स्तरीय नेता, विधायक और कार्यकर्ता विधानसभा के पास महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन करेंगे।

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मधुसूदन ने जोर देकर कहा, “विधानसभा का 10 दिनों का मानसून सत्र इसी शुक्रवार से शुरू हो रहा है। राज्यपाल सीधे विधानसभा अध्यक्ष को शुक्रवार को विश्वास मत का परीक्षण कराने का निर्देश दे सकते हैं जिससे अल्पमत में चल रही सरकार का शक्ति परीक्षण हो सके।”

16 विधायकों ने दिया है इस्तीफा

इस्तीफा देने वाले 16 विधायकों में से कांग्रेस के 11, जेडी-एस के तीन, क्षेत्रीय दल कर्नाटक प्राग्यावन्ता जनता पार्टी के 1 और 1 निर्दलीय विधायक शामिल हैं।

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हालांकि कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष के.आर. रमेश कुमार ने कांग्रेस और जनता दल-सेक्युलर के सभी 13 बागी विधायकों के इस्तीफे को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। अध्यक्ष के मुताबिक आठ इस्तीफे तय किए गए प्रारूप में नहीं थे और पांच पर स्पष्टीकरण की जरूरत थी।

स्पीकर ने इस मामले में 12, 15 और 21 जुलाई को दोनों दलों के सभी विधायकों को मिलने के लिए बुलाया है।

कांग्रेस के निलंबित विधायक रोशन बेग ने मंगलवार को इस्तीफा दिया वहीं केपीजेपी विधायक आर. शंकर और निर्दलीय विधायक एच. नागेश ने सोमवार को इस्तीफा दिया।