कुलदीप के खिलाफ हत्या का केस दर्ज, सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर

Kuldeep CBI Investigation

नई दिल्ली/लखनऊ। सीबीआई ने उन्नाव पीड़िता के सड़क हादसे के मामले में जांच शुरू करते हुए बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन 10 लोगों में उत्तर प्रदेश के एक मंत्री का दामाद भी शामिल है ।

सुप्रीम कोर्ट ने इनके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, आपराधिक षडयंत्र, और आपराधिक धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने इसके अलावा 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है।

कुलदीप सिंह सेंगर के अलावा इस एफआईआर में उसके भाई मनोज सिंह सेंगर, विनोद मिश्रा, हरी पाल सिंह, नवीन सिंह, कोमल सिंह, अरुण सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, रिंकु सिंह, वकील अवधेश सिंह का नाम है। ये सभी उन्नाव के रहने वाले हैं। इनमें से अरुण सिंह सूबे के राज्यमंत्री रणवेंद्र सिंह उर्फ धुन्नी भैया का दामाद है। ये उन्नाव के नवाबगंज का ब्लॉक प्रमुख भी है और कुलदीप सिंह सेंगर का करीबी माना जाता है।

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सरकार ने की थी हादसा मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश

पीड़िता के चाचा की मांग पर योगी सरकार ने हादसे की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी। सीबीआई की तरफ से मामले की जांच सीबीआई एएसपी राम सिंह करेंगे । सीबीआई ने इस मामले से जुड़े सभी ज़रूरी कागजात लखनऊ पुलिस से ले लिए हैं।

रविवार को पीड़िता की कार उस वक्त हादसे का शिकार हो गई थी जब रायबरेली के पास गलत दिशा से आ रही ट्रक ने इनकी कार को टक्कर मार दी थी । टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए थे। ट्रक के नंबर प्लेट को छिपाने की कोशिश की गई थी इससे इस मामले में साजिश का शक और गहरा हो गया था ।

मामला सियासी रंग भी ले चुका है, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस सभी ने इस मामले पर प्रदेश की सरकार को घेरा है।

इस मामले का मुख्य आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर रेप का मामला दर्ज होने के बाद से ही जेल में है लेकिन उस पर फोन के जरिए रैकेट चलाने के आरोप लगते रहे हैं।