कोविड-19: अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने डब्ल्यूएचओ से कहा- वायरस के पशु स्रोत का पता लगाओ

Photo Credit : WHO अमेरिका में कोरोनावायरस के पहले मामले में संक्रमण को दर्शाती माइक्रोस्कोपिक तस्वीर

संयुक्त राष्ट्र । कोविड-19 कोरोनावायरस को लेकर पूरी दुनिया चिंतित है और इस वायरस के बारे में हर छोटी-बड़ी जानकारी जुटाने में लगी है। इसी बीच, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने डब्ल्यूएचओ यानि विश्व स्वास्थ्य संगठन को कोविड-19 महामारी फैलने की वजह बने वायरस के पशु स्रोत का पता लगाने को कहा है। इसके साथ ही इस बात की जाँच-पड़ताल करने को भी कहा है कि किस तरह यह संक्रमण मनुष्यों में फैला ? संयुक्त राष्ट्र एजेंसी की आपात समिति ने  इस पर सहमति जताई है कि कोविड-19 अब भी एक अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य इमरजेंसी है।

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अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य अधिनियम के तहत गठित आपात समिति की बैठक में सिफ़ारिश जारी की गई है।

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, “हम कमेटी की सलाह स्वीकार करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक और अंतरराष्ट्रीय संगठन के साथ मिलकर वायरस के पशु स्रोत का पता लगाने का काम करे।”

30 अप्रैल को कोरोनावायरस को अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली स्वास्थ्य इमरजेंसी घोषित हुए तीन महीने पूरे हो गए। ग़ौरतलब है कि 30 जनवरी 2020 को आपात समिति की दूसरी बैठक के बाद कोरोनावायरस को अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य एमरजेंसी घोषित किया गया था। उस समय चीन से बाहर किसी संक्रमित व्यक्ति की मौत नहीं हुई थी और संक्रमण के 100 से भी कम मामले थे।

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स्वास्थ्य मामलों में आपात हालात के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन का यह उच्चतम स्तर का अलार्म है ताकि दुनिया बीमारी की गंभीरता को समझे और इसको लेकर सही कदम उठाए। 11 मार्च को कोविड-19 को विश्वव्यापी महामारी के रूप में परिभाषित किया गया था।