कोविड-19 । क्या हैं लक्षण ? कैसे फैलती है बीमारी ? कैसे बचें और बचाएँ?

Coronavirus

नई दिल्ली। पॉइंट आउट

कोविड-19 कोरोनावायरस एक संक्रमित रोग है और यही वजह है कि अब यह एक महामारी का रूप ले चुका है। ऐसे में हमें यह जानना ज़रूरी है कि आख़िर क्या हैं कोविड-19 के लक्षण और कैसे यह बीमारी एक इंसान से दूसरे इंसान और फिर समूहों में फैलने लगती है? और इसके साथ ही किस तरह की सावधानी रखकर हम स्वयं को और दूसरों को भी बचा सकते हैं ?

कोविड-19 के लक्षण

कोविड-19 कोरोनावायरस से अगर आप संक्रमित हैं तो आपको बुख़ार, थकान और सूखी खाँसी हो सकती है। इन सभी के साथ कुछ लोगों को तेज़ सिरदर्द जैसे लक्षण भी रहते हैं। शुरुआत में यह लक्षण आम तौर पर सामान्य दिखते हैं लेकिन समस्या गंभीर होने पर साँस लेने में दिक्कत भी महसूस होती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इससे आपको डरने की नहीं सावधानी बरतने की ज़रूरत है। इस वायरस से बुजुर्ग लोगों को ख़ासतौर से बचाने की ज़रुरत है।

इसके साथ ही हाई ब्लड प्रेशर यानि उच्च रक्त चाप, डायबिटीज यानि मधुमेह और हृदय की बीमारी के रोगियों में कोविड-19 फैलने की आशंका सबसे ज़्यादा रहती है।

कैसे फैलता है कोविड-19 कोरोनावायरस ?

चूँकि, कोविड-19 कोरोनावायरस संक्रामक रोग है और यदि आप ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आ गए जिन्हें यह रोग है तो आप भी इसका शिकार बन सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि कोविड-19 से संक्रमित मरीज के खाँसने या छीँकने की वजह से यह बीमारी दूसरे लोगों में फैलती है। यह बीमारी छोटी संक्रामक बूँदों के ज़रिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है। यह बूँदे अगर आसपास किसी सतह या सामान पर गिर जाती है और इस सतह या सामान को छूने के बाद यदि आप अपनी आँख, नाक या मुँह पर हाथ लगाते हैं तो आप भी कोविड-19 से संक्रमित हो जाएँगे।

इतना ही नहीं  कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति के खाँसने या साँस लेते समय निकली बूंदों को यदि आप साँसों के ज़रिए अंदर ले लेते हैं तो आप भी इसका शिकार बन जाते हैं। इसीलिए यह सलाह दी जाती है कि बीमार रहने वाले व्यक्ति से कम से कम एक मीटर से अधिक दूरी पर रहना चाहिए।

स्वयं बचें और दूसरों को भी बचाएँ

कोविड-19 कोरोना संक्रमण पर अभी तक कोई उपचार नहीं खोजा गया है, हालाँकि वैज्ञानिक इस दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं। मौजूदा हालात में यह ज़रूरी है कि हम इस बीमारी से स्वयं भी बचें और दूसरों को भी बचाएँ। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इसके लिए यह ज़रूरी है कि आप  अपने हाथ नियमित रूप से अल्कोहल आधारित सेनेटाइज़र से अच्छी तरह साफ़ करें, या कम से कम 20 सेकंड तक उन्हें साबुन और पानी से धोएँ।

आपको अपनी आदत में यह शुमार कर लेना चाहिए कि बिना अच्छी तरह हाथ साफ़ किए बिना मुँह, आँख और नाक को नहीं छूना है।

खाँसने या छींकने वाले किसी भी व्यक्ति से कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाए रखना भी उतना ही ज़रूरी है। इसके साथ ही खाँसने और छींकने वाले व्यक्ति को भी ऐसा करते समय अपने मुँह और नाक को या तो बाँह मोड़कर या टिशू पेपर से ढक लेना चाहिए। इस्तेमाल किए टिशू पेपर को तुरंत कूड़ेदान या डस्टबिन में डाल देना चाहिए।

चूँकि, यह बीमारी साँसों के ज़रिए भी एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकती है तो ऐसे में घर से बाहर निकलते वक्त मास्क का इस्तेमाल ज़रूर करें। कोरोना से आपको डरने की नहीं, सतर्क और सावधान रहने की ज़रूरत है।