गठबंधन ने खोल दीं समाजवादी पार्टी परिवार की गाठें     

Photo Credit: Twitter Samajwadi Party

लखनऊ। लोकसभा चुनावों में परिवार के तीन लोगों को मिली हार समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए करारा झटका है।

अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव, परिवार के बाकी सदस्य धर्मेंद्र यादव और अक्षय यादव, तीनों इस बार लोकसभा का चुनाव हार गए हैं । डिंपल यादव कन्नौज में हार गईं, धमेंद्र यादव बदायूं में हारे और अक्षय यादव फिरोजाबाद में हार गए। ये तीनों 16वीं लोकसभा में सांसद थे।

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पिछली बार लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश की ज्यादातर सीटों पर दूसरे नंबर पर समाजवादी पार्टी या फिर बहुजन समाज पार्टी का उम्मीदवार रहा था, ऐसे में इन दोनों ही पार्टियों के गठबंधन से ऐसा लग रहा था कि इनका गठबंधन बीजेपी की जीती गई सीटों पर सेंध लगाने में कामयाब हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। महागठबंधन से महापरिवर्तन का इनका नारा लोगों का भरोसा नहीं जीत पाया। महापरिवर्तन का इनका ऐलान दरअसल समाज को लेकर किसी वैचारिक प्रतिबद्धता से जुड़ा नहीं था बल्कि ये जातिगत समीकरण साधने की कोशिश थी, जिसे जनता ने नकार दिया।

समाजवादी पार्टी ने ऐसे हश्र की कल्पना भी नहीं की थी । एक दिन पहले तक अखिलेश यादव ‘महाविजय’ का भरोसा जता रहे थे।

इन दोनों पार्टियों के जीत के आंकड़े से ऐसा लगता है कि समाजवादी पार्टी के समर्थकों ने बीएसपी के उम्मीदवारों को वोट दिया लेकिन बहुजन समाज पार्टी के समर्थकों ने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को नकार दिया।

पिछली बार एक सीट पर कामयाबी हासिल नहीं कर पाने वाली बीएसपी ने गठबंधन के बाद 10 सीटें जीत ली हैं लेकिन समाजवादी पार्टी को पिछली बार के मुकाबले नुकसान उठाना पड़ा है।

2014 में समाजवादी पार्टी से से चुने गए 5 सांसद यादव परिवार के ही थे। इस बार अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव ही चुनाव जीत पाए। मुलायम सिंह को मैनपुरी और आजमगढ़ में अखिलेख यादव को जीत हासिल हुई। यादव परिवार के बाकी तीन उम्मीदवारों को जनता ने नकार दिया।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी को मिली करारी शिकस्त के बाद ट्वीट कर जनमत स्वीकार करने की बात कही और अपने कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया ।

समाजवादी पार्टी के आजम खान रामपुर में, शफीकुर्रहमान बर्क संभल में और एस टी हसन मुरादाबाद में जीते।