गृहमंत्रालय की गाइडलाइन में बदलाव । ई-कॉमर्स से गैर-ज़रूरी सामान की ब्रिकी पर रोक

गृहमंत्रालय की संशोधित अधिसूचना । ई-कॉमर्स से गैर-ज़रूरी सामान की ब्रिकी पर रोकPhoto Credit : Amazon

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमित लोगों की बढ़ती तादाद की वजह से केंद्रीय गृहमंत्रालय ने अपनी ही गाइडलाइन में बदलाव करते हुए यह तय किया है कि लॉकडाउन के दौरान ई-कॉमर्स कंपनियां केवल ज़रूरी सामानों की बिक्री ही कर सकेंगी।

दरअसल,कोरोना संक्रमण के ख़तरे को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संदेश में दूसरे चरण के लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया था। हालाँकि, उन्होंने 20 अप्रैल से कुछ कारोबार में छूट देने की बात कही थी।

प्रधानमंत्री के इस संदेश के बाद गृह मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी कर ऐसे उद्योगों और कारोबार के बारे में विस्तार से बताया, जिन्हें काम  करने की इजाज़त होगी। इसी के तहत अमेजन और  फ्लिपकार्ट जैसी तमाम ई-कॉमर्स कंपनियों को भी कारोबार की अनुमति मिल गई थी।

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उस वक्त यह माना जा रहा था कि टेलीविजन सेट, लैपटॉप, मोबाइल फोन और रेडिमेड कपड़े जैसे तमाम उत्पादों की बिक्री ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के ज़रिए हो सकेगी।

इस संबंध में गृहमंत्रालय ने 15 अप्रैल और 16 अप्रैल को गाइडलाइन जारी कर विस्तार से बताया था कि ऐसे कौन से उद्योग और कारोबार हैं जो सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य ज़रूरी शर्तों को ध्यान में रखते हुए अपना कामकाज शुरू कर सकते हैं।

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अब गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन पर अपनी पुरानी गाइडलाइन में एक बड़ा संशोधन किया। इस संशोधन के मुताबिक फिलहाल ई कॉमर्स कंपनियाँ गैर ज़रूरी वस्तुओं जैसे टेलीविजन, मोबाइल या रेडिमेड कपड़ों की बिक्री नहीं कर सकेंगी और इस पर पहले की तरह प्रतिबंध जारी रहेगा।