चमकी बुखार की वजह से बिहार में 100 से ज़्यादा बच्चों की मौत, नीतीश पर उठे सवाल

चमकी बुखार की वजह से बिहार में 100 से ज़्यादा बच्चों की मौतPhoto Credit Twitter Ministry of Health

पटना । बिहार में  एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम यानी चमकी बुखार से मासूम बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा, अब तक इस बुखार की वजह से 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। मुजफ्फरपुर के अलग अलग अस्पताल में इस वक्त 300 से ज़्यादा बच्चे भर्ती हैं। इस बीमारी से निपटने के लिए बिहार सरकार के प्रयासों का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। विपक्ष नीतीश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है। बिहार कांग्रेस ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री पर भी निशाना साधा है।

लापरवाही को लेकर मुकदमा

इस बीच मुजफ्फरपुर जिले की एक अदालत में सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन व बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के खिलाफ एक मामला दायर किया गया। इन पर एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएल) से बीते पखवाड़े में लापरवाही बरतने की वजह से 82 बच्चों की मौत का आरोप लगाया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने मुजफ्फरपुर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट  की अदालत में सोमवार को मामला दायर किया। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 24 जून की तारीख तय कर दी।

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हर्षवर्धन ने शोध की ज़रुरत बताई

इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन पूरी टीम के साथ रविवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे और डॉक्टरों को क्लीन चिट देते हुए कहा कि अस्पताल पूरी कोशिश कर रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम पर शोध की जरूरत पर बल दिया। हर्षवर्धन ने कहा कि बीमारी के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए चिकित्सा क्षेत्र की सभी शाखाओं को मिलकर काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार स्थिति को नियंत्रित करने उचित उपचार प्रदान करने और इसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए राज्य को वित्तीय मदद के साथ सभी संभव सहायता प्रदान करेगी।” उन्होंने कहा, “यह स्तब्ध करने वाला व कष्टदायक है कि बच्चे मर रहे हैं। मैंने माता-पिता के दुख व दर्द को महसूस किया है।”