काशी मेरे लिए सिर्फ दो अक्षर नहीं: नरेंद्र मोदी

Narendra ModiPhoto Credit: Twitter BJP

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों लोकसभा चुनाव के प्रचार में मशगूल हैं। 19 मई को लोकसभा चुनाव का आखिरी चरण है जिसमें मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी वोट डाले जाएंगे। इससे पहले नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो के जरिए काशी की जनता को एक संदेश दिया है।

मोदी ने कहा है कि काशी उनके लिए सिर्फ दो अक्षर नहीं हैं, बल्कि उनके रोम-रोम में बसे अध्यात्म, धर्म और संस्कृति की एक अविरत प्रेरणा है। मोदी ने कहा है कि ये उनका सौभाग्य है  उन्हें एक सेवक रूप में काशी की पवित्र भूमि पर काम करने का अवसर मिला ।

ट्विटर पर साझा किए इस वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा है, ‘पिछले पांच वर्षों ने हम सबने मिलकर बहुत कुछ किया है, लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है और मिल जुलकर करना है। हमारा संकल्प है कि विकास की इस गति को थमने नहीं देना है’ ।

नरेंद्र मोदी ने काशी के लिए कुछ शब्द भी लिखे हैं, इन्होंने लिखा है

पुरातन, पुनीत, परिमल काशी,

अडिग, अप्रतिम, अविरल काशी।

निरंतर, निर्विघ्न, निर्मल काशी,

विशिष्ट, विकसित, विमल काशी

मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों से इस वीडियो के जरिए अपील की है कि लोकतंत्र के उत्सव में ज्यादा से ज्यादा लोग शामिल हों और अपने आस-पास के लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें।

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अपने संदेश में मोदी ने कहा है कि इफ्रास्ट्रक्चर के हर पैमाने पर वाराणसी आमूलचूल परिवर्तन का गवाह बना है। बाबा विश्वनाथ मंदिर से मां गंगा के दर्शन,  काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण, काशी के घाटों की रौनक ने काशी का रूप बदल दिया है और लोग इससे अभिभूत हैं।

उन्होंने आगे कहा है कि दो नए कैंसर अस्पताल से काशी और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को राहत मिली है । कोशिश की गई है कि किसान, उद्यमी, युवा, व्यापारी, गंगा पुत्र यानी मल्लाहों समेत हर वर्ग का विकास हो।

नरेंद्र मोदी ने ये भी कहा है कि आवास, शौचालय, मुफ्त एलपीजी, बिजली कनेक्शन, वाराणासी ने हर क्षेत्र में आदर्श उदाहरण पेश किए हैं।  दीनदयाल हस्त कला संकुल के निर्माण से हस्तशिल्पियों और बुनकरों के परंपरागत हुनर को विश्व के बाजारों में जगह मिली है।

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इसके साथ ही नरेंद्र मोदी ने संतोष जताया है कि उनका जीवन काशी और काशीवासियों के काम आ सका। मोदी ने कहा ‘काशी के धार्मिक और ऐतिहासिक महात्म्य में एक ईंट भी जोड़ना बहुत बड़ा सौभाग्य होता है। मेरी काशी के लोगों ने मुझे ये मौका देकर मेरा जीवन धन्य कर दिया। मुझे इस बात का गर्व है कि पिछले पांच वर्षों में जनभागीदारी के साथ वाराणसी शहर विकास की नई राह पर चल पड़ा है’

प्रधानमंत्री ने ये भी कहा है कि जो भी काशी की तपोभूमि में आता है वो यहीं का होकर रह जाता है। बीते 5 साल में उन्होंने कई बार इसका अनुभव किया । नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उनके राजनीतिक और अध्यात्मिक जीवन को दिशा देने में, उन्हें गढ़ने में काशी का बहुत बड़ा योगदान है