चौकीदार की पहचान वर्दी से नहीं भावना से होती है : नरेंद्र मोदी

नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि चौकीदार की पहचान वर्दी से नहीं होती है, बल्कि इस शब्द के पीछे जो भावना है उससे होती है। तालकटोरा स्टेडियम में हुए मैं भी चौकीदार कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री देश की जनता से रुबरू हुए ।  इस दौरान स्टेडियम में ‘मैं भी चौकीदार’ के नारे गूंज रहे थे। मोदी ने कहा कि चौकीदार की पहचान वर्दी से नहीं होती है, बल्कि चौकीदार एक भावना है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “2014 में जब भारतीय जनता पार्टी ने मुझे देश के कोने-कोने का दौरा करने की जिम्मेदारी दी तो मैंने लोगों से कहा कि दिल्ली की जिम्मेदारी का मतबल यह है आप चौकीदार पर भरोसा कर रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने 2019 लोकसभा चुनाव में जीत का भरोसा जताते हुए कहा कि एक बार फिर देश की जनता उन्हें सेवा का मौका देने जा रही है । प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लोगों को राजा की जरूरत नहीं है, क्योंकि लोग आज चौकीदार को पसंद कर रहे हैं।

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मोदी ने कहा, “शिक्षक एक बड़े चौकीदार होते हैं। वह अगली पीढ़ी की रक्षा करते हैं। मैं ऐसे चौकीदार को सलाम करता हूं।”

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब से उनको देश की अगुवाई करने की जिम्मेदारी मिली है और उनपर भरोसा किया गया है तब से उन्होंने देश के धन को भ्रष्ट लोगों से बचाने की पूरी कोशिश की है।

उन्होंने लोगों से चौकीदार बनकर मजबूत सरकार बनाने और देश को आगे ले जाने के लिए चौकीदार की भावना से काम करने को कहा।

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मोदी ने इस कार्यक्रम में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान लोगों और समर्थको के सवालों का जवाब भी दिया । वीडियो कान्फ्रेंसिंग के ज़रिए चलाए गए अभियान में गृहमंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी हिस्सा लिया। इधर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी वीडियो कांन्फ्रेसिंग के माध्यम से चलाए गए अभियान में हिस्सा लिया।

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‘मैं भी चौकीदार’ अभियान के तहत प्रधानमंत्री ने 500 जगहों पर लोगों से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की।

आईएएनएस इनपुट