जयंती पर याद किए गए भारत के ‘मिसाइल मैन’ डॉ एपीजे अब्दुल कलाम

President Kovind paying tribute to Dr APJ Abdul KalamPhoto Credit : Twitter President of India

नई दिल्ली भारत के मिसाइल मैन के नाम से लोकप्रिय, देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को उनकी जयंती पर पूरे देश ने याद किया ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवंगत राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने 1.21 मिनट का वीडियो ट्विटर पर साझा किया और कहा कि कलाम ने 21वीं सदी के सक्षम और समर्थ भारत का सपना देखा और इस दिशा में अपना विशेष योगदान दिया।

उन्होंने कहा, “एक वैज्ञानिक के तौर पर उन्होंने देश को नई ऊंचाई दी। उनके जीवन भर के प्रयास राष्ट्र की संपत्ति हैं। उनके शब्द ही नहीं, बल्कि उनका शख्सियत बहुत कुछ बयान करती है।”

मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, “मेरे जीवन में भी वह एक मार्गदर्शक रहे हैं। देश को आगे ले जाने के लिए उनका कार्य प्रेरणादायी होगा।”

कलाम एयरोस्पेस वैज्ञानिक थे। उन्होंने देश के 11वें राष्ट्रपति के रूप में 2002 से 2007 तक सेवाएं दीं। आज ही के दिन साल 1931 में तमिलनाडु के रामेश्वरम में उनका जन्म हुआ।

देश के वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति भवन में श्रद्धांजलि दी। कोविंद ने उनकी तस्वीर पर फूल चढाए ।

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केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और प्रकाश जावड़ेकर ने भी दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

अमित शाह ने कहा कि कलाम सादगी और ज्ञान का प्रतीक थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया, जबकि राजनाथ सिंह ने उन्हें जनता का राष्ट्रपति बताया, जो भारत के लोगों के दिल व दिमाग में बने रहेंगे।

कलाम की जयंती को वर्ल्ड स्टूडेंट्स डे के रूप में भी मनाया जाता है।

जावड़ेकर ने ट्वीट किया, “ए.पी.जे.अब्दुल कलाम की जयंती को वर्ल्ड स्टूडेंट्स डे के रूप में मनाया जाता है। वह वास्तविक शिक्षक थे और छात्रों से प्यार करते थे और यहां तक उनका निधन शिलांग में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में व्याख्यान देते समय हुआ।”

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कलाम को याद किया। उन्होंने कहा कि उनका साधारण परिवार से आना और वंचितों के लिए दया भाव हर भारतीय को प्रेरित करता है।

कलाम ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने भारत के नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम व सैन्य मिसाइल विकास में भी योगदान दिया। इसके लिए उन्हें ‘मिसाइल मैन’ की उपाधि मिली।

कलाम का जुलाई, 2015 में 83 साल की उम्र में निधन हो गया था ।