ज़मीन से जुड़े अर्जुनराम की लगातार तीसरी जीत के मायने

Arjun Ram Meghwalअर्जुन राम मेघवाल, केन्द्रीय राज्य मंत्री, भारत सरकार

बीकानेर। अगर ज़मीन से जुड़ा एक जनप्रतिनिधि लोगों के दर्द को समझता हो और उसे दूर करने की ईमानदार कोशिश करता हो, अपने इलाके की समस्याओं को जानता हो और उसके समाधान के लिए दिन रात एक कर देता हो, केंद्र सरकार में मंत्री बनने के बाद भी आम लोगों से मिलने जुलने के लिए समय की कमी का बहाना न बनाता हो तो फिर ऐसी शख्सियत को अपना प्रतिनिधि चुनकर जनता खुद को सम्मानित महसूस करती है। लोकसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने वाले अर्जुनराम मेघवाल ज़मीन से जुड़े एक ऐसे ही नेता हैं जो अपने संसदीय क्षेत्र बीकानेर के प्रति पूरे समर्पण के साथ जुटे रहते हैं और अपने कामों से उन्होंने बीकानेर की तस्वीर बदलने की दिशा में एक बड़ी पहल की है।

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भारतीय लोकतंत्र को समझने के लिए अर्जुनराम मेघवाल जैसे ज़मीनी नेता की जीत के मायने समझने बेहद ज़रुरी हैं। एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले अर्जुनराम ने भारतीय डाक एवं टेलीग्राफ विभाग में टेलीफोन ऑपरेटर का काम किया और साथ साथ अपनी पढ़ाई करते हुए एमए, एलएलबी और एमबीए की डिग्री हासिल की। अपनी मेहनत और लगन से उनका चयन राजस्थान प्रशासनिक सेवा में हुआ और पदोन्नत होकर भारतीय प्रशासनिक सेवा में आए। प्रदेश के चूरू ज़िले में कलेक्टर रहे अर्जुनराम मेघवाल के काम को लोग आज भी याद करते हैं। आम लोगों से जुड़ा कोई मुद्दा हो या फिर  देश की सुरक्षा की बात, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की विचारधारा हो या फिर महात्मा गांधी, अंबेडकर के विचार, ऐसे तमाम विषयों पर अर्जुनराम मेघवाल की समझ अपने समकालीन नेताओं से कहीं आगे दिखाई देती है।

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भारतीय लोकतंत्र में ज़मीन से जुड़े लोगों की अहमियत को समझने के लिए अर्जुनराम मेघवाल जैसे राजनेता को जानना ज़रुरी है। नए भारत के निर्माण में ऐसे ज़मीनी नेताओं की भूमिका ही कारगर सिद्ध हो सकती है।