डॉलर में तेज़ी से सोने-चांदी की कीमत में भारी गिरावट

मुंबई। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में कटौती के बावजूद सोने और चांदी के भाव में भारी गिरावट आई है। अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स पर सोने के भाव में 20 डॉलर प्रति औंस से ज्यादा की गिरावट आई। वहीं, चांदी के भाव में दो फीसदी से ज्यादा की कमजोरी दर्ज की गई। अंतर्राष्ट्रीय बाजार से मिले कमजोर संकेतों से भारतीय वायदा एवं हाजिर बाजार में सोने और चांदी में सुस्त कारोबार चल रहा था।

कमोडिटी बाजार विश्लेषक अजय केडिया के मुताबिक अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने 11 साल बाद ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की है, जबकि बाजार को 50 आधार अंकों की कटौती की उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि ब्याज दरों में जितनी कटौती की गई है, उस पर बाजार पहले ही अपनी प्रतिक्रिया दे चुका है, इसलिए कटौती के बाद सोने और चांदी में गिरावट देखी जा रही है।

डॉलर में तेज़ी से गिरी है कीमत

इस समय सोने-चांदी के भाव गिरने का मुख्य कारण डॉलर में तेजी है। फेड की तरफ से ब्याज दर में कटौती के बाद डॉलर में जबरदस्त तेजी आई है जिससे डॉलर इंडेक्स मई 2017 के ऊंचे स्तर चला गया है।

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मुंबई सर्राफा बाजार में 22 कैरट शुद्धता के सोने का भाव 35,480 रुपये प्रति 10 ग्राम है जबकि पिछले कारोबारी सत्र में 22 कैरट सोने का भाव 35,795 रुपये प्रति 10 ग्राम था। मुंबई में 24 कैरट सोना 35,300 रुपये प्रति 10 ग्राम है जो कि पिछले सत्र में 35,945 रुपये प्रति 10 ग्राम था। पिछले सत्र के मुकाबले सोने में 300 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा गिरावट आई।

वहीं, चांदी का भाव मुंबई में पिछले सत्र से तकरीबन 950 रुपये की गिरावट के साथ 41,215 रुपये प्रति किलो चल रहा था।

जल्द ही फिर आएगी सोने-चांदी में मजबूती

केडिया ने कहा कि फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने हालांकि ब्याज दरों में आगे कटौती को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है लेकिन संभव है कि जिस तरह 2016 के बाद ब्याज दरों में वृद्धि का सिलसिला चल रहा था उसी तरह फिर कटौती का भी दौर आए।

उन्होंने बताया कि अमेरिका में पिछले दिनों जो आर्थिक आंकड़े जारी हुए हैं वे प्राय: अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत देते हैं जिससे डॉलर में मजबूती है और सोने व चांदी की चमक फिलहाल फीकी पड़ गई है, हालांकि सोने-चांदी के भाव में जल्द ही मजबूती देखने को मिल सकती है क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती के अनुमानों से महंगी धातुओं में निवेश की मांग बनी रहेगी।

आईएएनएस इनपुट