ढीले प्रशासनिक रवैये पर योगी सख्त, कोरोना से निपटने के लिए हर ज़िले में होगी टीम-11

ढीले प्रशासनिक रवैये पर योगी सख्त, कोरोना से निपटने के लिए हर ज़िले में होगी टीम-11

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं तो दिन-रात जुटे ही हैं और इसके साथ ही उन्होंने राज्य स्तर से लेकर ज़िले स्तर तक अधिकारियों की ज़िम्मेदारी और जवावदेही तय कर दी है। राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश में लॉकडाउन आगे भी जारी रह सकता है।

योगी का सख्त रवैया

महामारी से निपटने में जुटे प्रशासनिक अमले की ज़रा सी लापरवारी को योगी सरकार बर्दाश्त नहीं कर रही है और यही वजह है कि राज्य के अफ़सर अपने काम में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरत रहे। योगी आदित्यनाथ का कहना है कि हम अपने निरंतर प्रयासों से कोरोना को हराएँगे। उन्होंने कहा कि जब उत्तर प्रदेश में कोरोना का पहला मामला आया था तब इसकी एक भी लैब राज्य में नहीं थी लेकिन अब भारत सरकार के सहयोग से उत्तर प्रदेश में दस टेस्टिंग लैब सफलतापूर्वक काम कर रही हैं।

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मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि प्रदेश के सभी 24 मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड किया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना से निपटने में सहायक उपकरणों जैसे पीपीई, एन-95 मास्क, थर्मल एनालाइजर, वेंटीलेटर्स की मैन्यूफैक्चरिंग प्रक्रिया को भी प्रदेश में आगे बढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार लोगों से नियमों का पालन करने की अपील कर रहे हैं।

टीम-11 का लक्ष्य

राज्य स्तर पर 11 समितियाँ गठित करने के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी ज़िलाधिकारियों को अपने-अपने ज़िले में 11 समितियाँ बनाने का आदेश दिया है। इन सभी समितियों के अध्यक्ष ज़िलाधिकारी ही तय करेंगे। ज़िले स्तर पर गठित की जा रही टीम 11 कोरोना वायरस के हालात पर नज़र रखने के साथ ही ज़िले में कंट्रोल रूम का इंतज़ाम, लोगों की चिकित्सकीय मदद, लोगों से नियमित संवाद के साथ ही कोरोना संकट से संबंधित अन्य सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेगी।

राज्य स्तर पर टीम 11, लॉकडाउन के वक्त लोगों को आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध कराने के साथ ही गरीब और कमज़ोर वर्ग को हर संभव मदद करने में जुटी है।