नशे के खिलाफ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की जंग

Jairam Thakur

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नशाखोरी के खिलाफ विशेष पहल की है जिसमें चार राज्य मिलकर काम कर रहे हैं । जयराम ठाकुर की पहल पर बड़ा अभियान शुरू किया गया है जिसमें कानून में बदलाव से लेकर साझा सचिवालय बनाए जाने तक का प्रस्ताव शामिल है ।

सिंथेटिक ड्रग्स बन रहा था युवाओं के लिए खतरा

दरअसल पंजाब से निकलकर नशाखोरी की लत ने हिमाचल के युवाओं को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया था । पिछले कुछ महीनों से अक्सर पुलिस को नशे की खेप बरामद हो रही थी । पंजाब मे ड्रग तस्करों पर शिकंजा कसने की वजह से ये तस्कर पड़ोसी राज्यों को निशाना बना रहे थे । राज्य में भांग  और अफीम की खेती होती थी लेकिन पिछले कुछ महीनों से यहां सिंथेटिक ड्रग्स की बरामदगी ने सबको चौंका दिया था । जिसके बाद राज्य सरकार ने नशीले पदार्थों को लेकर एक सर्वेक्षण कराया था । इस सर्वेक्षण के मुताबिक अफीम, चरस और सिंथेटिक ड्रग्स चिट्टे के माफिया मुस्तैदी से पूरे प्लान के साथ इसकी बिक्री कर रहे हैं । युवाओं को पहले मुफ्त  में ड्रग्स बांटकर इसका आदी बनाया जा रहा है बाद में उनके जरिए ही इसकी बिक्री की जा रही है । मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस पर लगाम लगाने के लिए पंजाब, उत्तराखंड और हरियाणा जैसे बाकी राज्यों को भी जोड़ने का फैसला किया । जिसके बाद उत्तर भारत के इन राज्यों ने मिलकर नशा खोरी के खिलाफ संयुक्त रणनीति बनाई है ।

नशा तस्करी के ख़िलाफ़ सख़्त क़ानून

हिमाचल प्रदेश में नशाखोरी और नशा तस्करी के खिलाफ कानून को और सख्त करने की तैयारी की जा रही है । सरकार इसे गैर ज़मानती बनाने पर विचार कर रही है । हरियाणा के पंचकूला में साझा सचिवालय बनाने का निर्णय भी लिया गया है । इस सचिवालय में मुख्यमंत्री के अलावा अधिकारियों के स्तर पर बैठकों का आयोजन किया जाएगा । हिमाचल में नशे के विरोध में चलाए गए इस अभियान के तहत स्कूल के छात्रों के नियमित हेल्थ चेकअप की व्यवस्था की गई है ।

जयराम ठाकुर की पहल से पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने बैठक कर ड्रग माफिया पर शिकंजा कसना तय किया है । इस साझा अभियान के तहत ड्रग्स सप्लायर्स को लेकर सूचनाएं देना, उत्तर भारत के राज्यों के पुलिस अफसरों की समय समय पर बैठकें करना शामिल है । चंडीगढ़ में एक ऐसा पुनर्वास केंद्र खोला जाना भी प्रस्तावित है जिसमें नशा करने वालों का इलाज किया जाएगा । राज्यों की सरहदों और बैरियर पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी । पड़ोसी राज्यों में लगने वाले मेलों और कार्यक्रमों खुफिया बल तैनात किए जाएंगे । पंजाब सीमा के पास खास नाके लगाए जाएंगे. राज्य आरोपियों के फिंगरप्रिट्स भी एक दूसरे को देंगे ।