प्रधानमंत्री ने जताया भरोसा, भारत की अर्थव्यवस्था विकास की पटरी पर ज़रूर लौटेगी

Narendra Modi at CIIImage Credit: PIB

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इस बात का भरोसा जताया कि भारत की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट आएगी । उन्होंने जोर देकर कहा कि कोविड-19 की वजह से भले ही देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी हो गई है लेकिन भारत विकास की राह पर फिर से वापस लौट आएगा ।

‘पाँच चीजों पर ध्यान केंद्रित करना होगा’

अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लौटाने के लिए प्रधानमंत्री ने 5 चीजों को काफी अहम बताया । उन्होंने कहा इसके लिए ज़रूरी है कि हम प्रयोजन (इंटेंट), समायोजन (इनक्लूज़न), अवसंरचना(इंफ्रास्ट्रक्चर), निवेश (इनवेस्टमेंट) और नवप्रवर्तन (इनोवेशन) के जरिये विकास की राह पर आगे बढ़ेगा और आत्मनिर्भरता का लक्ष्य हासिल करेगा।

प्रधानमंत्री ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के 125वें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर ये बातें कहीं । मोदी ने कहा कि भारत अनलॉक होने के पहले चरण में प्रवेश कर गया है और आर्थिक गतिविधियों के काफी बड़े हिस्से को खोल दिया गया है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।

थकना,  हारना,  टूटना-बिखरना,  मानव को मंजूर नहीं : नरेंद्र मोदी

‘सरकार ने कई अभूतपूर्व सुधार किए’

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने आयकर के संबंध में कई सुधार किये हैं। कोयला ब्लॉक संबंधी वाणिज्यिक गतिविधियों में भी नीतिगत सुधार हुए हैं। इसके अलावा खनन, अंतरिक्ष और परमाणु अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में भी सुधार किए जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के अधिकारों और उनकी स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए भी अभूतपूर्व उपाय किए हैं ।

‘देश का आर्थिक इंजन हैं एमएसएमई’

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह की इकाइयां देश के सकल घरेलू उत्पाद में 30फीसदी का योगदान करती हैं और इनका देश की आर्थिक स्थिति पर जबर्दस्त असर पड़ता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एमएसएमई हमारे देश के आर्थिक इंजन की तरह हैं।

हर भारतवासी को अपने लोकल के लिए वोकल बनना है : मोदी

‘आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को पूरा करने में सरकार करेगी पूरी मदद’

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में भारत से दुनिया की अपेक्षा काफी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के देश भरोसेमंद साझेदारों की तलाश कर रहे हैं और भारत में इसकी क्षमता और योग्यता है। उन्होंने मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड का आह्वान करते हुए देश को आत्मनिर्भर बनाने पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इसके साथ ही उद्योगों को भरोसा दिलाया कि आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को पूरा करने के लिए सरकार उन्हें पूरी मदद देगी।

प्रधानमंत्री ने “गैटिंग ग्रोथ बैक” पर चर्चा शुरू करने के लिए भारतीय उद्योगों की सराहना की। उन्होंने उद्योगों को इससे आगे बढ़ने का आग्रह किया और कहा “हाँ! हम निश्चित रूप से अपनी विकास दर को वापस लाएंगे।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि आर्थिक विकास को फिर से हासिल करना इतना मुश्किल भी नहीं है। सबसे बड़ी बात यह है कि अब भारतीय उद्योगों के पास एक स्पष्ट रास्ता है और वह है आत्मनिर्भर भारत। उन्होंने स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भर भारत का अर्थ है कि हम और अधिक मजबूत हो जाएंगे और दुनिया को गले लगा लेंगे। आत्मनिर्भर भारत का अर्थ है विश्व अर्थव्यवस्था के साथ जुड़ना और मददगार होना।

पाँच पिलर्स पर खड़ी है, आत्मनिर्भर भारत की भव्य इमारत : नरेंद्र मोदी

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में निवेश करें उद्योग

उन्होंने भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कोरोना के बाद सीआईआई जैसे बड़े संस्थानों को एक नई भूमिका में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने देश में बने उत्पादों को दुनिया के लिए बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रधान मंत्री ने उद्योग से आग्रह किया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में किसानों के साथ निवेश और साझेदारी को खोलने का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकार निजी क्षेत्र को देश की विकास यात्रा के लिए भागीदार मानती है। उन्होंने वादा किया कि आत्मनिर्भर भारत अभियान से जुड़े उद्योग की हर जरूरत का ख्याल रखा जाएगा। उन्होंने उद्योग से देश को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लेने और इस संकल्प को पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाने की अपील की ।