बजट 2019 : क्या हुआ महंगा, क्या सस्ता

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नई दिल्ली। सरकार ने बजट 2019 में महंगी धातुओं पर सीमा शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया है जिससे सोने का आयात अब महंगा हो जाएगा। वहीं, डीजल और पेट्रोल के लिए भी उपभोक्ताओं को अब अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी क्योंकि सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक-एक रुपये प्रति लीटर की दर से विशेष अतिरिक्त उत्पाद लगा दिया है।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आम बजट 2019-20 पेश करते हुए महंगी धातुओं पर सीमा शुल्क में बढ़ोतरी और डीजल व पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी की घोषणा की।

वित्तमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं को सुरक्षित बनाने, मेक इन इंडिया के तहत अधिक घरेलू मूल्य संवर्धन अर्जित करने, आयात निर्भरता कम करने, एमएसएमई क्षेत्र को संरक्षण प्रदान करने, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने, अनावश्यक आयात को रोकने, कमियां दूर करने के मकसद से ये प्रस्ताव किए गए हैं।

सोना का आयात महंगा, पेट्रोल-डीजल पर खर्च करने होंगे ज्यादा रुपए

सीतारामण ने सोने और अन्य मूल्यवान धातुओं पर लगने वाले सीमा शुल्क को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 फीसदी करने की घोषणा की है।

वित्तमंत्री ने कहा कि बजट में पेट्रोल और डीजल पर एक-एक रुपये प्रति लीटर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क तथा सड़क और बुनियादी ढांचा उपकर बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। कच्चे तेल की कीमत कम हुई है। इससे पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क और उपकर की समीक्षा करने का मौका मिला है।

बजट में देश में नही बनने वाले रक्षा उपकरणों के आयात पर मूल सीमा शुल्क में छूट देने का प्रस्ताव किया गया है।

ये चीजें हो जाएंगी महंगी

मेक इन इंडिया को उत्साहजनक लक्ष्य बताते हुए वित्तमंत्री ने कुछ खास चीजों पर मूल सीमा शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव किया है, जिससे घरेलू उद्योगों को समानता का अवसर मिले। इन चीजों में पीवीसी, काजू गिरी, विनाइल फलोरिंग, टाइल्स, मैटल फिटिंग्स, फर्नीचर माउंटिंग्स, ऑटो पार्ट्स, विशेष किस्म के सिंथेटिक रबड़, मार्बल स्लैब्स, केबिल, सीसीटीवी कैमरा, आईटी कैमरा, डिजिटल और नेटवर्क वीडियो रिकॉर्ड शामिल हैं।

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उन्होंने देश में बनने वाले कुछ खास इलेक्ट्रोनिक चीजों पर लगने वाले सीमा शुल्क छूट को वापस लेने का प्रस्ताव किया है। देश के प्रकाशन और प्रिंटिंग उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए आयात की जाने वाली किताबों पर 5 फीसदी सीमा शुल्क लगाया जाएगा।

ये चीजें होंगी सस्ती

मेक इन इंडिया को और बढ़ावा देने के लिए बजट में कुछ कच्ची सामग्रियों और पूंजीगत वस्तुओं पर सीमा शुल्क घटाने का प्रस्ताव किया गया है। इन वस्तुओं में सीआरजीओ सीट के कुछ उत्पाद, अलोय रिबन, ईथाइलीन डाइक्लोराइड, प्रोपाइलीन ऑक्साइड, कोबाल्ट मेट, नेफ्था, ऊन फाइबर, कृत्रिम किडनी निर्माण के सामान और डिस्पोजेबल स्ट्रेलाइज्ड, डाइलाइजर और न्यूक्लियर पॉवर संयंत्रों का ईंधन शामिल है। वित्तमंत्री ने ई. मोबिलिटी को और प्रोत्साहित करने के लिए विद्युत वाहनों के कुछ पुर्जो पर छूट देने की घोषणा की है।

बजट में कच्चे और अर्ध परिष्कृत चमड़े पर निर्यात शुल्क को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव किया है ताकि इस क्षेत्र को राहत उपलब्ध हो।

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वित्तमंत्री ने बताया कि तंबाकू उत्पाद और क्रूड राष्ट्रीय आपदा और आकस्मिक ड्यूटी को बढ़ावा देते हैं। इन वस्तुओं पर कोई मूल उत्पाद शुल्क नहीं है। इस मुद्दे के निपटान के लिए बजट में तंबाकू उत्पादों और क्रूड पर बहुत कम मूल उत्पाद शुल्क लगाने का प्रस्ताव है।

उन्होंने सीमा शुल्क अधिनियम में कुछ संशोधन करने का प्रस्ताव किया। उन्होंने बताया कि मौजूदा रुख से पता चला है कि अनावश्यक छूट और निर्यात प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए कुछ फर्जी कंपनियां गलत तरीके अपना रही हैं।