बाढ़ से बेहाल बिहार, 106 लोगों की मौत, 80 लाख प्रभावित

Bihar Floodबिहार बाढ़ पीड़ित

पटना। बिहार के 12 जिले बाढ़ से बेहाल हैं। जलग्रहण क्षेत्रों और नेपाल के तराई इलाके में हुई बारिश के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों की हालत और खराब हो गई है। बिहार में कई प्रमुख नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

सरकार बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत कार्य चलाने का दावा कर रही है। जल संसाधान विभाग के मुताबिक कोसी के जलस्तर में वीरपुर बैराज के पास कमी आई है, लेकिन बागमती, बूढ़ी गंडक, कमला बलान, अधवारा समूह की नदियां, खिरोई तथा महानंदा कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

बिहार में बाढ़ का संकट गहराया, अब तक 102 लोगों की मौत

जिन स्थानों पर बांध टूटने की खबर आई थी, उनको दुरुस्त करने का काम चल रहा है। मधुबनी में झंझारपुर के पास कमला बलान नदी के दाएं तटबंध को दुरुस्त किया जा रहा है, जबकि कटिहार के काशीबाड़ी में भी बांध मरम्मत का काम चल रहा है।

सरकार दे रही है सहायता राशि

इस बीच, बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत का काम किया जा रहा है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के मुताबिक अब तक 4.91 लाख बाढ़ पीड़ित परिवारों के बैंक खाते में छह-छह हजार रुपये भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 295 करोड़ रुपये बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच बांटे गए हैं। उन्होंने कहा कि ये राशि फसल सहायता और भवन सहायता के अतिरिक्त दी जा रही है।

बिहार बाढ़: पीड़ितों को ‘सखी-बहिनपा’ का सहारा

आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, “बिहार के 12 जिले- शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, दरभंगा, सहरसा, सुपौल, किशनगंज, अररिया, पूर्णिया एवं कटिहार में अब तक बाढ़ से 106 लोगों की मौत हुई है, जबकि 80 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।”

बाढ़ प्रभावित इन 12 जिलों में कुल 81 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जहां 76 हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के खाने की व्यवस्था के लिए 712 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में बाढ़ का पानी उतरा भी है।