बिहार में बाढ़ का तांडव, अभी तक 33 लोगों की मौत

Bihar FloodPhoto Credit: Twitter NDRF

पटना। बिहार के उत्तरी हिस्सों के करीब सभी जिलों में बाढ़ का कहर जारी है। नेपाल से आने वाली नदियां अभी भी उफान पर हैं,  इसकी वजह से नए इलाके भी बाढ़ की चपेट में आ रहे हैं। लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर हैं।

इस भीषण बाढ़ से राज्य के करीब 12 जिलों के 26 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। इस दौरान बाढ़ के पानी में डूबने से 33 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों घर तबाह हो चुके हैं।

राज्य में शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, अररिया, किशनगंज, सुपौल, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सहरसा, कटिहार और पूर्णिया जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें से कुछ जगहों पर बाढ़ की वजह से हालात बेहद खराब हो चुके हैं।

बिहार में बाढ़ से 24 लोगों की मौत, 25 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

इस बीच आपदा प्रबंधन विभाग का दावा है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम जारी है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 26 टीमें लगातार काम कर रही हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक बाढ़ प्रभावित इलाकों में 185 राहत शिविर लगाए गए हैं, जिनमें 1.12 लाख से ज्यादा लोग शरण लिए हुए हैं। इसके अलावा 812 सामुदायिक रसोइयां स्थापित की गई हैं।

दरभंगा और मधुबनी में लोग सड़कों पर शरण लिए हुए हैं।  सुपौल, किशनगंज, मधेपुरा और सहरसा में पानी का दबाव कम हुआ है, मगर कटिहार व अररिया के ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का पानी नए क्षेत्रों में भी प्रवेश कर गया है।