बिहार में बाढ़ का संकट गहराया, अब तक 102 लोगों की मौत

People during flood in BiharFile Photo, Photo Credit : Twitter AIR News

पटना। बिहार के कई जिलों में बाढ़ का विकराल रूप जारी है। राज्य के 12 जिलों में आई बाढ़ से अब तक 102 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि करीब 72 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।

मुजफ्फरपुर, दरभंगा समेत कई इलाकों में लोग सड़कों पर शरण लिए हुए हैं। नेपाल और तराई क्षेत्रों में रुक-रुककर हो रही बारिश के बाद बाढ़ का संकट गहरा हो गया है।

Flood in Bihar

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मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले दो दिन बिहार में तेज़ बारिश की आशंका जताई गई है जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।

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बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बिहार के 12 जिले शिवहर, सीतामढी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, दरभंगा, सहरसा, सुपौल, किशनगंज, अररिया, पूर्णिया एवं कटिहार में अब तक 102 लोगों की मौत हुई है जबकि 72 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।

बाढ़ प्रभावित इन 12 जिलों में कुल 133 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं जहां 1,14,921 लोग शरण लिए हुए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के भोजन की व्यवस्था के लिए 776 सामुदायिक रसोइयां चलाई जा रही हैं।

कई नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर

बिहार जल संसाधन विभाग के मुताबिक बिहार की कई नदियां बूढी गंडक, बागमती, कमला बलान और महानंदा नदी अलग अलग जगहों पर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

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कोसी नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी देखी गई है। कोसी का जलस्तर वीरपुर बैराज के पास सोमवार की सुबह आठ बजे 1.41 लाख क्यूसेक था जो 10 बजे बढकर 1.44 लाख क्यूसेक हो गया। गंडक नदी का जलस्तर भी बाल्मीकिनगर बैराज के पास बढ़ा है।

मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्णिया में नए क्षेत्रों में बाढ़ के पानी का फैलाव हो रहा है। दरभंगा के सदर प्रखंड के कई पंचायतों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। कई सरकारी कार्यालय भी बाढ़ के पानी में डूबे हैं।

बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय ने दावा किया है कि राहत और बचाव कार्य जारी हैं। उन्होंने कहा कि राहत सामग्री पहुंचाने के लिए अब हेलीकॉटर का भी इस्तेमाल किया जाएगा।