बिहार में बाढ़ की विनाशलीला जारी, 78 लोगों की मौत

flooded villageबाढ़ के पानी में डूबे बिहार के गांव

पटना। बिहार में बाढ़ की विनाशलीला जारी है अभी तक 78 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बिहार के कई जिले हर साल बाढ़ से प्रभावित होते हैं लेकिन इस साल उन जगहों पर भी बाढ़ आई है जहां के लोगों ने पहले कभी बाढ़ नहीं देखी थी।

मरनेवालों में सबसे ज्यादा नेपाल से सटे सीतामढ़ी ज़िले के हैं। बाढ़ ने यहां 18 लोगों की जान ले ली है। नेपाल में हो रही लगातार बारिश की वजह से बिहार के 12 जिले बाढ़ की चपेट में हैं जिससे लगभग 55 लाख लोग प्रभावित हैं। हज़ारों लोग बेघर हो चुके हैं।

Bihar Flood

बिहार में बाढ़ के दौरान साफ पानी के लिए भटकती महिलाएं

नेपाल ने वाल्मिकी बैराज से करीब 1.94 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, जिससे हालात बिगड़ चुके हैं। कमला बलान का तटबंध अब कई जगहों से टूट चुका है । लगातार टूट रहे तटबंधों और सुरक्षा बांधों की वजह से हालात और गंभीर हो गए हैं। एक लाख से ज्यादा लोगों ने राहत शिविरों में शरण ले रखी है ।

शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, दरभंगा, सहरसा सुपौल, किशनगंज, कटिहार,अररिया और पूर्णिया जिलों में बाढ़ ने कहर बरपा रखा है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कुल 26 टीमें लगाई गई हैं। बाढ़ पीड़ितों के बचाव के लिए 125 मोटरबोटों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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Photo Credit: Twitter NDRF

बिहार में छोटी-बड़ी कई नदियां हैं। इनमें से गंडक, बूढी गंडक, बागमती, अधवारा समूह, कमला बलान, कोसी, महानंदा और परमान नदी कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं ।

चिकित्सकों की छुट्टियां रद्द, चलाई जा रही है सामुदायिक रसोई

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत के मुताबिक बाढ़ से प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। राहत और बचाव कार्य जारी है। सरकार की तरफ से आपदा पीड़ितों को 6 हज़ार रुपए की आर्थिक मदद दी जा रही है।

प्रभावित इलाकों में बीमारियों के फैलने की आशंका को देखते हुए क्षेत्र के चिकित्सकों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। जहां पानी कम हुआ है, वहां ब्लीचिंग का छिड़काव हो रहा है।

आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए 130 राहत शिविरों में 1.13 लाख लोग शरण लिए हुए हैं। 1,119 सामूदायिक रसोई चलाई जा रही है। अब तक 12 जिलों के 97 प्रखंडों की 921 ग्राम पंचायतों के गांवों में बाढ़ का पानी घुसा है।