बिहार में बाढ़ से 24 लोगों की मौत, 25 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

Flood in Sitamarhi BiharPhoto Credit: Twitter NDRF, Flood in Bihar

पटना। बिहार के उत्तरी हिस्सों के लगभग सभी जिलों में शहर से गांव तक बाढ़ का पानी कहर ढा रहा है। लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर शरण लिए हुए हैं। बाढ़ से राज्य में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है।

बिहार के जिन इलाकों में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर है, उनमें अररिया, किशनगंज, सुपौल, दरभंगा, शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और सहरसा जिला शामिल हैं।

आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के 77 प्रखंडों की 546 पंचायतों के 25 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ से अब तक 24 लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लगातार दूसरे दिन बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया।

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बिहार के मुख्यमंत्री ने सोमवार को अररिया जिले के फारबिसगंज, सिकटी, पलासी, जोकीहाट, किशनगंज जिले के ठाकुरगंज, कोचाधामन, टेढ़ागाछ और कटिहार जिले के बलरामपुर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का विस्तृत हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। इसके बाद पूर्णिया के चूनापुर हवाईअड्डे पर पूर्णिया, अररिया, कटिहार एवं किशनगंज जिले के जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ राहत और बचाव के लिए किए जा रहे कामों की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने दिए राहत कामों में तेजी लाने के निर्देश

नीतीश कुमार ने बाढ़ प्रभावित सभी इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण कार्य विभाग और पथ निर्माण विभाग के अधिकरियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायज़ा लेने को कहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन जगहों का संपर्क बाकी इलाकों से कट गया है वहां तुरंत राहत पहुंचाई जाए।

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हवाई सर्वेक्षण के दौरान मुख्य सचिव दीपक कुमार, जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार भी साथ थे।

लगातार बढ़ रहा है नदियों का जलस्तर

इस बीच नेपाल से आने वाली नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बिहार जल संसाधन विभाग के प्रवक्ता अरविंद कुमार सिंह ने सोमवार को बताया कि बागमती ढेंग, सोनाखान, डूबाधार, कनसार और बेनीबाद में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, वहीं कमला बलान नदी जयनगर व झंझारपुर में तथा महानंदा ढेंगराघाट व झावा में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 26 टीमें लगाई गई हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बाढ़ प्रभावित इलाकों में 196 राहत शिविर बनाए गए हैं।

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मुजफ्फरपुर जिले में बागमती का जलस्तर काफी बढ़ जाने से बाढ़ ने भयावह रूप ले लिया है। दो हजार से अधिक घरों में बाढ़ का पानी घुस चुका है । पूर्वी चंपारण के कई इलाकों में बाढ़ आ गई है । सुपौल के भी नए इलाकों में बाढ़ कहर ढा रही है।

बाढ़ से सीतामढ़ी के गांवों की हालत और बदतर हो गई है। सीतामढ़ी के कई गांवों के बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि अभी तक राहत और बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया है। शिवहर में भी बाढ़ से लोगों का बुरा हाल है। कई शहरी इलाकों में भी पानी घुस चुका है। अररिया और किशनगंज में भी बाढ़ का पानी नए क्षेत्रों में फैल रहा है।