भारतीय राजनीति में नीति और नीयत का बाहुबली नरेंद्र  

Photo Credit: Twitter BJP

डॉ शिव कुमार राय

2014 में  नरेंद्र मोदी का ‘सबका साथ, सबका विकास’ कुछ लोगों को  सिर्फ एक नारा दिखाई दे रहा था, लेकिन नरेंद्र मोदी अपने कार्यकाल में ‘सबका साथ, सबका विकास’ को जमीनी हक़ीक़त में बदलने की दिशा में बढ़ते दिखाई दिए। सत्रहवीं लोकसभा में नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी की ऐतिहासिक जीत, आने वाले समय में भारतीय राजनीति और देश की दशा और दिशा बदल सकती है।

विकास की राजनीति की नींव

नरेंद्र मोदी के विरोधी भले ही इस बात को खुलकर स्वीकार करने से परहेज़ करते हों लेकिन देश की राजनीति में यह मानने वालों की तादाद काफी है कि आधुनिक भारत में ‘विकास की राजनीति’ की नींव नरेंद्र मोदी ने गुजरात में ही रख दी थी। प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने 2014 में कहा था कि देश की राष्ट्रीय समस्याओं के लिए केंद्र और राज्य को मिलकर टीम इंडिया की तरह काम करना चाहिए। यह नरेंद्र मोदी की नीति का ही असर था कि सिक्किम और त्रिपुरा के बाद मिजोरम पूर्वोत्तर का ऐसा तीसरा राज्य बन गया जिसके पास अतिरिक्त बिजली है। पूर्वोत्तर के इन राज्यों को राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने की बात हो या रेल नक्शे पर लाने की पहल, नरेंद्र मोदी का मानना रहा है कि कनेक्टीविटी की कमी पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास में सबसे बड़ी बाधा है और इसे दूर करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। पूर्वोत्तर भारत जो कभी खुद को देश के बाकी हिस्से से कटा महसूस करता था लेकिन मोदी की नीति की वजह से आज विकास की दौड़ में सभी राज्यों के साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के आधार पर बराबरी से खड़ा दिखाई दे रहा है।

बीजेपी की सरकार बनना तय, एनडीए 355 सीट पर आगे, बीजेपी 303 पर आगे

आम जनता के बीच भरोसा

देश के पेट्रोलियम मंत्रालय की गिनती कभी हाईप्रोफाइल मंत्रालयों में होती थी लेकिन नरेंद्र मोदी ने इस मंत्रालय को गरीब की रसोई में गैस पहुंचाने का ज़िम्मा देकर इसे आम लोगों से जोड़ दिया। इस मंत्रालय के मार्गदर्शन में सरकारी तेल के सार्वजनिक उपक्रमों ने अब तक 10 करोड़ लोगों की रसोई में गैस पहुंचा दी। सरकारी आकंड़ों के मुताबिक देशभर के 89 फीसदी घरों में रसोई गैस पहुंच गई है जबकि 1 अप्रैल 2015 तक यह आंकड़ा महज 56.2 फीसदी था। प्रधानमंत्री आवास योजना की बात हो या फिर गरीबों के इलाज के लिए आयुष्मान योजना, स्वच्छ भारत की जनचेतना से लेकर देश भर में शौचालयों का निर्माण, ऐसे एक दो नहीं कई काम है जिसने आम लोगों के बीच नरेंद्र मोदी को लोकप्रिय बनाया है। देश में रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प की दिशा में बढ़ाए कदम हों या पहले की तुलना में दोगुनी रफ्तार से बनती सड़कें, नरेंद्र मोदी ने लोगों के सामने विकास की एक बड़ी लकीर खींच दी है।

दुनिया में भारत की धाक

आम तौर पर विदेश नीति जैसे विषय से आम जनता का कोई लेना देना नहीं होता था लेकिन नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राएं, दुनियाभर में देश के प्रधानमंत्री को मिलता सम्मान और भारतीय पासपोर्ट की बढ़ती ताक़त ने आम लोगों के बीच विदेश नीति जैसे विषय को लोकप्रिय बना दिया। ऑटोवाला हो या चायवाला या जूते पालिश करने वाला मोची, हर किसी के मुंह से यह सुनने को मिलता था कि नरेंद्र मोदी के आने के बाद, दुनिया में भारत की धाक बढ़ी है।

हार गया जातितंत्र

Maya Akhilesh Mulayam

Photo Credit: Twitter Samajwadi Party

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इन कामों ने जनता में उनके प्रति भरोसा पैदा किया। यही वजह है कि आज उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में जाति पर आधारित तमाम गठबंधन हाशिए पर आ गए और विकास की राजनीति के आगे जातितंत्र को हार का सामना करना पड़ा। इन राज्यों में जातिगत राजनीति के जरिए राज करने वाले बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी जैसे दलों को उत्तर प्रदेश और बिहार की जनता ने पूरी तरह नकार दिया।

आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा

भारत विरोधी बयान देने वाले हुर्रियत कांफ्रेंस समेत तमाम अलगाववादी नेता कांग्रेस कार्यकाल में जिस तरह सरकारी दामाद बनकर दिल्ली आते थे, उसे देश के आम लोग पसंद नहीं करते थे। आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मोदी की नीति और नीयत पर लोगों ने भरोसा किया है। आतंकवाद के ख़िलाफ़ मोदी की सख्त नीति और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे कदम को देश में ही नहीं दुनिया में भी लोगों ने सराहा है। कश्मीर के अलगाववादी नेता इन दिनों हाशिए पर आ गए हैं। मोदी से पहले भारत में जब भी कोई आतंकवादी हमला हुआ तो अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान को संयम बरतने की सलाह दी लेकिन पुलवामा हमले के बाद ऐसा पहली बार हुआ कि जब खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह संदेश दिया कि भारत कुछ बड़ा करने जा रहा है।

मेरी नीयत में खोट नहीं

लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की स्पष्ट नीति और साफ नीयत ही सबसे बड़ा मुद्दा थी और खुद नरेंद्र मोदी का कहना था कि ‘मेरी निष्ठा, मेरी नीयत और मेरी नीति का आकलन कम ज्यादा तो हो सकता है, लेकिन कोई खोट नहीं निकाल सकता, ये मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं।’

विश्व के नेताओं ने चुनावी जीत के लिए मोदी को बधाई दी

जनता के वोट मोदी के खाते में

इस चुनाव में देश की जनता ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को देखकर नहीं बल्कि नरेंद्र मोदी के काम को देखकर मतदान किया। पश्चिम बंगाल समेत देश के कई राज्यों में प्रचार के दौरान खुद नरेंद्र मोदी ने कहा कि आप जो यहां वोट डालोगे, वो सीधा मेरे खाते में आएगा। इस बात में कोई शक नहीं कि देश में बीजेपी के कई सांसदों ने सिर्फ और सिर्फ नरेंद्र मोदी के नाम और उनके काम से जीत हासिल की है।

देश के आम जनमानस ने जिस तरह से नरेंद्र मोदी को समर्थन दिया है, उससे यह साबित होता है कि उनकी नीति और नीयत पर लोगों ने भरोसा किया है। प्रचंड बहुमत से भारतीय जनता पार्टी की इस जीत ने नरेंद्र मोदी को भारतीय राजनीति में नीति और नीयत का बाहुबली बना दिया है।