नागरिक केंद्रित सुधारों में आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश सबसे आगे

नागरिक केंद्रित सुधारों में आंध्र प्रदेस और मध्य प्रदेश सबसे आगे

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा निर्धारित चार नागरिक केंद्रित सुधारों में से तीन सुधारों को पूरा करने वाले राज्यों का पहला समूह बन गये है। इन दोनों राज्यों ने वन नेशन, वन राशन कार्ड रिफॉर्म, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिफॉर्म और अर्बन लोकल बॉडीरिफॉर्म पूरे कर लिए हैं।

तीन क्षेत्रों में सुधारों को पूरा करने की वजह से वित्‍त मंत्रालय के व्यय विभाग ने अभी हाल में शुरू की गई योजना “राज्यों को पूंजीगत व्यय के लिए विशेष सहायता” के तहत इन राज्यों को 1,004 करोड़ रूपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है।

पूंजीगत परियोजनाओं के लिए आंध्र प्रदेश को 344 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि प्राप्‍त होगी, जबकि मध्य प्रदेश 660 करोड़ रुपये की अतिरिक्‍त राशि प्राप्त करने का हकदार बन गया है। वित्त मंत्री ने 12 अक्टूबर, 2020 को आत्‍मनिर्भर भारत पैकेज के एक हिस्‍से के रूप में इस योजना की घोषणा की थी। पूंजीगत व्यय के लिए यह अतिरिक्त वित्तीय सहायता इन राज्यों को इन सुधारों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त ऋण हेतु इन राज्‍यों को जारी 14,694 करोड़ रुपये की अनुमति के अलावा प्रदान की जा रही है।

“राज्यों को पूंजीगत व्यय के लिए विशेष सहायता” योजना का मकसद कोविड-19 महामारी से उत्पन्न कर राजस्व कमी की वजह से इस साल कठिन वित्‍तीय स्थिति का सामना कर रही राज्य सरकारों के पूंजीगत व्यय को बढ़ावा देना है।

 

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