आर्थिक न्याय पर आधारित किताब ‘व्हाट मार्क्स लेफ्ट अनसेड’

'व्हाट मार्क्स लेफ्ट अनसेड' किताब का विमोचन

नई दिल्ली। ‘व्हाट मार्क्‍स लेफ्ट अनसेड’ किताब आर्थिक न्याय के सिद्धांत पर आधारित है, जो अधिकतम वेतन पाने वाले और न्यूनतम वेतन पाने वाले के बीच अधिकतम वेतन अनुपात 3:1 के साथ उत्पीड़न रहित दुनिया की अवधारणा को सामने रखती है।

किताब में बताया गया है कि क्यों मानव जाति को अपने कौशल के हिसाब से निश्चित ही कमाना चाहिए, जो कि समाज में उनके योगदान की क्षमता को निश्चित करता है। इसमें यह भी कहा गया है कि कौशल का आंकलन निष्पक्षता के साथ होना चाहिए। इस किताब में आर्थिक सम्मानता की बात कही गयी है जो कि शोषण-मुक्त समाज की दिशा तय करेगा। किताब के मुताबिक, आज के समय में अपने प्रचंड प्रभाव के बावजूद पूंजीवाद जो एक चीज़ कभी नहीं दे सकता वह है समानता। इसके विकास के मूल में ही गैर बराबरी की अवधारणा अन्तर्निहित है। जिस कारण गरीब और गरीब, अमीर और अमीर होता जा रहा है। जब हम आसपास के समाज पर निगाह डालते हैं तो हमें गैर बराबरी और शोषण ही दिखाई पड़ता है। अमीर और गरीब के बीच, औरत और मर्द के बीच, ‘ऊपरी’ और ‘निचली’ जातियों के बीच। इस समाज में हमें जिंदा रहने के लिए होड़ करनी पड़ती है।

किताब का विमोचन कार्ल मार्क्‍स की 200वीं जयंती पर इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में हुआ। किताब एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों द्वारा संयुक्त रूप से लिखी गई है। इसे टाइम्स ग्रुप बुक्स ने प्रकाशित किया है। मलय चौधरी, अरिंदम चौधरी और चे कबीर चौधरी लिखित किताब ‘व्हाट मार्क्‍स लेफ्ट अनसेड’ का विमोचन पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने किया।

आईएएनएस इनपुट के साथ