मुस्लिमों का वोट नहीं तो सहायता नहीं: मेनका

Maneka Gandhi at rallyPhoto Credit: Twitter Maneka Gandhi

सुलतानपुर केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने चेतवानी भरे लहजे में कहा कि मुसलमानों के बगैर मेरी जीत होगी तो मुझे बहुत अच्छा नहीं लगेगा।

मेनका गांधी के इस विवादास्पद बयान पर चुनाव आयोग ने नोटिस भेजा है।

मेनका सुल्तानपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित कर रही थीं, मेनका कहा, “जीत तो मेरी पहले हो चुकी है। मैं मुस्लिमों के समर्थन से जीतना चाहती हूं। अगर मुसलमानों के समर्थन के बगैर मेरी जीत होगी तो मुझे अच्छा नहीं लगेगा।”

मेनका ने आगे कहा कि अगर मुस्लिम मुझे वोट नहीं करेंगे तो मैं उनकी सहायता नहीं करूंगी। उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए वहां मौजूद लोगों से ही सवाल कर दिया -“यह बात सही है कि नहीं? यह आपको पहचानना पड़ेगा।”

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गांधी ने कहा, “मैं दोस्ती का हाथ लेकर आई हूं। चुनाव नतीजे आएंगे। उसमें 100 वोट या 50 वोट निकलेंगे। उसके बाद जब आप काम के लिए आएंगे तो वही होगा मेरे साथ। इसलिए जब आप मेरे ही हो तो क्यूं नहीं मेरे ही रहो।”

उन्होंने कहा, “दिल खट्टा हो जाता है जब कोई मुसलमान काम लेकर आता है। तब मैं सोचती हूं कि रहने ही दो, क्योंकि नौकरी भी तो आखिर सौदेबाजी होती है। हम महात्मा गांधी की छठी औलाद तो हैं नहीं कि देते ही जाएंगे और इलेक्शन में मार खाते जाएंगे।”

गांधी ने कहा, “पीलीभीत में जाकर मेरे काम को लेकर पूछ लीजिए कि वहां मैं कैसे सभी के लिए काम करती थी। अगर आपको मेरी जरा भी गुस्ताखी लगे तो वोट मत देना, लेकिन लगे कि जरूरत है तो वोट करना।”