मेरा आखिरी चुनाव है, हर जीत से यह जीत बड़ी होनी चाहिए: मुलायम

Maya Akhilesh MulayamPhoto Credit: Twitter Samajwadi Party

मैनपुरी । मैनपुरी के क्रिश्चियन कॉलेज मैदान में गठबंधन की रैली में अपने लिए वोट मांगते हुए मुलायम सिंह भावुक हो गए । समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह ने कहा “यह मेरा आखिरी चुनाव है। हर बार मैनपुरी के लोग हमें जिताते आए हैं। आखिरी चुनाव में भारी बहुमत से एक बार और जिता देना। हर जीत से यह जीत बड़ी होनी चाहिए।”

मुलायम सिंह यादव मैनपुरी लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हैं । ये सीट पार्टी के लिए सबसे सुरक्षित सीट मानी जाती है । 1996 से ये सीट समाजवादी पार्टी के पास है और मुलायम सिंह यादव इस सीट से चार बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं । 2014 में इस सीट से मुलायम ही जीते थे, बाद में हुए उपचुनाव में तेज प्रताप सिंह यहां से सांसद चुने गए। आजमगढ़ से भी चुनाव जीतने के बाद मुलायम सिंह यादव ने ये सीट छोड़ दी थी। इस बार मुलायम सिंह यादव का मुकाबला बीजेपी उम्मीदवार प्रेम सिंह शाक्य से है ।

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ये चुनाव समाजवादी पार्टी के संस्थापक और प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके मुलायम सिंह यादव के लिए काफी अलग है। 2014 में उन्होंने बतौर पार्टी अध्यक्ष चुनाव लड़ा था लेकिन अब उनकी पार्टी में काफी कुछ बदल चुका है । राजनीति में उनके साथ साए की तरह रहने वाले भाई शिवपाल यादव अलग पार्टी बना चुके हैं। मुलायम के बेटे अखिलेश यादव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और इनके पास संरक्षक की भूमिका है । 2014 में हुए चुनाव में प्रदेश में पार्टी की ही सरकार थी लेकिन 2017 में जनता ने समाजवादी पार्टी को नकार दिया था ।

इस बार मुलायम सिंह यादव बहुजन समाज पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं । आरएलडी भी इनके साथ है। 1995 में हुए गेस्टहाउस कांड के बाद बीएसपी का समाजवादी पार्टी के साथ आना ये बताता है कि राजनीति में ना तो कोई दुश्मन होता ना ही कोई दोस्त। क्रिश्चियन कॉलेज में हुई इनकी रैली में मंच पर मायावती मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के बीच में बैठी नज़र आईं। मायावती का ऐसा करना इनके कार्यकर्ताओं से लेकर राजनीति के गलियारों तक में इनकी एकजुटता का संदेश देता है ।