मोदी और अमित शाह से मिले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल

Keshari Nath Tripathi met PMPhoto Credit: Twitter PIB

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हो रही हिंसा के बीच राज्य के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।

राज्यपाल ने पहले प्रधानमंत्री से मुलाकात की और इसके बाद उन्होंने गृह मंत्री शाह से नार्थ ब्लॉक में 20 मिनट तक बातचीत की।

इससे पहले राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से उनकी मुलाकात पहले से तय थी।

त्रिपाठी ने पत्रकारों से कहा, “शपथ ग्रहण के दिन मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिलकर बधाई नहीं दे पाया था, इसलिए यहां एक शिष्टाचार भेंट करने के लिए आया हूं।”

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त्रिपाठी का कार्यकाल 23 जुलाई को समाप्त हो रहा है।

त्रिपाठी ने मीडिया से कहा कि उन्होंने राज्य के हालात के बारे में गृह मंत्री को जानकारी दी, जहां हाल के दिनों में भारतीय जनता पार्टी और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लगभग एक दर्जन समर्थक हिंसा में मारे गए हैं।

राज्यपाल ने आगे कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

दिल्ली रवाना होने से पहले त्रिपाठी ने कहा था कि वह शनिवार को संदेशखली में हुई हत्याओं के बारे में प्रधानमंत्री मोदी को जानकारी देंगे।

संदेशखली के हाटगाछी इलाके में भारतीय जनता पार्टी के झंडे को हटाए जाने को लेकर बीजेपी और तृणमूल के कार्यकर्ताओं के बीच एक बड़ी हिंसक झड़प हुई।

पुलिस ने तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है, जिनमें दो बीजेपी से और एक तृणमूल कांग्रेस से है। लेकिन दोनों दलों का दावा है कि घटना में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है।

केंद्र सरकार ने पहले ही राज्य सरकार को एक एडवाइजरी भेजकर राज्य में जारी हिंसा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने में नाकाम साबित होने को लेकर ‘गहरी चिंता’ जताई है।

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केंद्रीय गृह मंत्रालय की एडवाइजरी में राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।

ममता बनर्जी सरकार का कहना है कि पश्चिम बंगाल में स्थिति ‘नियंत्रण में’ है और राज्य में ‘चुनाव बाद संघर्ष’ के बाद ‘दृढ़ और उचित कार्रवाई’ की गई है।

बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे पर राज्य में ‘अराजकता और हिंसा’ फैलाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि हालांकि केंद्र ने राज्य के शासन में हस्तक्षेप नहीं किया लेकिन अगर हिंसा जारी रहती है तो केंद्र राष्ट्रपति शासन लगाने के बारे में सोच सकता है।