राहुल की संवेदनशीलता या ब्रांडिंग !

कथित तौर पर घायल पत्रकार के साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधीकथित तौर पर घायल पत्रकार के साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी

नई दिल्ली।  देश की राजधानी दिल्ली के हुमायूं रोड पर एक सड़क हादसे के दौरान राजस्थान के एक पत्रकार राजेंद्र व्यास घायल हो गए। इसी दौरान राहुल गांधी उस इलाके से गुजर रहे थे,घायल शख्स को देखते ही राहुल गांधी ने अपनी गाड़ी रुकवाई और पत्रकार को अपनी गाठी में बैठाकर अस्पताल लेकर गए। गाड़ी में बैठते ही घायल पत्रकार की मदद करते राहुल गांधी का वीडियो भी शूट कर लिया गया। देखते ही देखते यह वीडियो और इससे संबंधित ख़बर तमाम समाचार चैनलों पर चलने लगी। कांग्रेस नेता अजय माकन समेत कई लोग ट्विटर के जरिए इसे राहुल की संवेदनशीलता बताने में जुट गए ।

इतना ही नहीं घायल पत्रकार ने भी राहुल गांधी की तारीफों के पुल बांधे और उन्होंने कहा कि ऐसे नेता बहुत कम होते हैं।

 

पत्रकार की मदद करते राहुल गांधी के वीडियो का पूरा हिस्सा सामने आया तो कहानी कुछ और ही लग रही थी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली के हुमायूं रोड में कथित तौर पर हादसे का शिकार हुए पत्रकार महोदय के माथे का पसीना पोंछते हैं। उसके बाद पत्रकार महोदय हंसते हुए एक बार फिर उनसे ऐसा करने के लिए कहते हैं ताकि वीडियो अच्छे से बन सके। पत्रकार महोदय राहुल गांधी से साफ-साफ यह कहते सुनाई देते हैं कि सर ये वीडियो में अपने चैनल के साथियों को भेजूंगा, जिसपर राहुल गांधी भी ज़ोर से हंस देते हैं। राहुल की संवेदनशीलता पर उस वक्त सवाल उठने लगे जब इस घटनाक्रम का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

 

लोकसभा चुनाव के वक्त यूं तो हर नेता अपनी छवि चमकाने की कोशिश करता है और ब्रांड की राजनीति के दौर में बाकायदा प्रोफेशनल टीम को भुगतान कर उनकी सेवाएं ली जाती हैं। वैसे तो यह संयोग भी हो सकता है लेकिन अभी कुछ दिनों पहले ही राहुल गांधी ने ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में तस्वीर लेते वक्त सीढ़ियों से गिर गए प्रेस फोटोग्राफर को भी सहारा देते हुए उठाया था।