रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य का इस्तीफा

Viral Acharya

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने कार्यकाल पूरा होने से छह महीने पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। आचार्य गवर्नर उर्जित पटेल के बाद इस्तीफा देने वाले आरबीआई के दूसरे शीर्ष अधिकारी हैं। उर्जित ने पिछले साल दिसंबर में इस्तीफा दिया था।

आरबीआई की तरफ से जारी बयान के मुताबिक विरल आचार्य ने कुछ हफ्ते पहले इस बाबत एक लेटर लिखा था, जिसमें निजी कारणों की वजह से पद छोड़ने की बात कही थी। विरल आचार्य ने लिखा था कि 23 जुलाई के बाद बतौर डिप्टी गवर्नर वह काम नहीं कर पाएंगे। हालांकि आरबीआई ने अपने बयान में ये भी कहा है कि विरल आचार्य के पद छोड़ने की बात पर फिलहाल विचार किया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक आचार्य केंद्रीय बैंक के बार-बार रेपो दर कम करने और धीमी हो रही वृद्धि दर से निपटने को खपत बढ़ाने वाले कदम उठाने के फैसलों के खिलाफ थे। आचार्य ने बतौर डिप्टी गवर्नर जनवरी 2017 में कार्यभार संभाला था ।

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सूत्रों ने कहा कि आचार्य ने ऐसे कदमों को राजकोषीय अनुशासन को जोखिम के तौर पर देखा और वे उन निर्णयों में शामिल नहीं रहना चाहते थे।

आरबीआई ने जून में रेपो दर घटाकर 5.25फीसदी कर दी थी।

आचार्य अब फरवरी 2020 के बजाय इसी साल अगस्त में न्यूयार्क यूनिवर्सिटी के स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस लौट जाएंगे।

आचार्य के बाद आरबीआई में अब तीन डिप्टी गवर्नर एन.एस. विश्वनाथन, बी.पी. कानूनगो और एम.के. जैन हैं।