लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी की सुनामी, 303 सीटों पर किया कब्जा

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी को ऐतिहासिक जीत मिली है। पार्टी ने पहली बार 303 सीटों पर जीत हासिल की है। कई राज्यों में इस बार पार्टी को अभूतपूर्व सफलता मिली।

बीजेपी के लिए जबरदस्त नतीजे पश्चिम बंगाल से आए जहां उसने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के पसीने छुड़ा दिए। आठ साल से सत्तारूढ़ तृणमूल को अमित शाह के नेतृत्व वाली बीजेपी ने सबसे बड़ा उलटफेर दिखाया। 42 लोकसभा सीटों पर वाले राज्य में बीजेपी, तृणमूल कांग्रेस से सिर्फ तीन सीट पीछे रही। पश्चिम बंगाल में तृणमूल को 21, बीजेपी  को 18 और कांग्रेस को 3 सीटें मिली हैं।

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उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है। पार्टी ने 80 लोकसभा सीटों वाली उत्तर प्रदेश में 62 सीटें जीतीं हैं। यहां एसपी को 5 और बीएसपी को 10 सीटें मिली हैं। कांग्रेस केवल रायबरेली की सीट जीत पाई जहां से यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी जीती हैं। बाकी दो सीटें एनडीए की सहयोगी अपना दल के खाते में गई है।

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महाराष्ट्र में बीजेपी का अपनी सहयोगी शिवसेना से बहुत दोस्ताना नहीं था, फिर भी दोनों को साथ लड़कर शानदार सफलता मिली। बीजेपी को 23, शिवसेना को 18, एनसीपी को 4 और कांग्रेस को एक सीट मिली है। अन्य को दो सीट मिली हैं।

बिहार में बीजेपी को 17 और जेडीयू को 16 सीट पर विजय मिली है। कांग्रेस केवल किशनगंज की सीट जीत सकी। बाकी 6 सीटों पर एनडीए की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी ने जीत हासिल की है। सबसे बड़ी हार जेल में बंद लालू यादव की पार्टी आरजेडी की हुई है जिसका सूपड़ा साफ हो गया है।

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इन राज्यों में बीजेपी ने सभी सीटें जीतीं

लोकसभा चुनाव 2019 में दिल्ली की सारी 7 और उत्तराखंड की सभी 5 सीटों पर बीजेपी ने कब्जा किया है।
पार्टी ने गुजरात की सभी 26, हरियाणा की सभी 10 और हिमाचल की सभी 4  सीटें जीत लीं।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में बीजेपी केवल एक-एक सीट नहीं जीत पाने की वजह से सौ फीसदी सफलता नहीं हासिल कर सकी। पार्टी ने मध्य प्रदेश की 29 में से 28 और राजस्थान की 25 में से 24 सीटें जीतीं। मध्य प्रदेश में केवल छिंदवाड़ा सीट कांग्रेस के हिस्से में आई। यहां तक कि पार्टी के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना की सीट हार गए।

उत्तर भारत में सिर्फ पंजाब ने कांग्रेस की लाज बचा ली जहां मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में पार्टी ने आठ सीटें जीतीं। बीजेपी और अकाली दल को दो-दो सीटें मिलीं। आम आदमी पार्टी महज एक सीट जीत पाई।

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पूर्वोत्तर के राज्य असम में बीजेपी को नौ, कांग्रेस को तीन और अन्य को दो सीटें मिलीं। अरुणाचल की सभी दो और त्रिपुरा की दोनों सीट बीजेपी ने जीती। मणिपुर में एक सीट बीजेपी ने जीती जबकि एक अन्य के खाते में गई।

केरल, तमिलनाडु में नहीं खुला बीजेपी का खाता

दक्षिण में, केरल में बीजेपी खाता नहीं खोल सकी और कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 20 में से 15 सीटें जीतीं। उत्तर प्रदेश के अमेठी से सनसनीखेज हार झेलने वाले राहुल ने केरल के वायनाड में इतने अंतर से जीत हासिल की जितने से राज्य में अभी तक कोई नहीं जीता था। सीपीएम को केवल अलप्पुजा की सीट मिली। अन्य के खाते में चार सीट गईं।

तमिलनाडु में डीएमके ने अपने गठबंधन के साथ शानदार वापसी की। राज्य की 38 में से 23 सीट डीएमके ने और उसकी सहयोगी कांग्रेस ने 8 और अन्य ने छह सीटें जीतीं। एआईडीएमके को सिर्फ एक सीट मिली। बीजेपी का यहां भी खाता नहीं खुला।

जम्मू एवं कश्मीर में 6 में से तीन सीट बीजेपी ने जीतीं, बाकि अन्य के खाते में गईं। पीडीपी और कांग्रेस का खाता नहीं खुला।

ओडिशा में कांटे का मुकाबला हुआ जिसमें नवीन पटनायक के नेतृत्व वाले बीजेडी ने 21 में 11 सीट जीतीं। बीजेपी को नौ सीट मिलीं जो उसके पहले के प्रदर्शन से अधिक है। कांग्रेस को एक सीट मिली।