शीला दीक्षित का मुकाबला मनोज तिवारी से, जानिए बाकी सीटों पर किससे है किसकी भिड़ंत

शीला दीक्षित का मुकाबला मनोज तिवारी से

नई दिल्ली। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए दिल्ली की 6 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। दिल्ली की कुल 7 लोकसभा सीटों पर 12 मई को मतदान होना है।

पार्टी ने उत्तरी-पूर्वी दिल्ली से शीला दीक्षित, नई दिल्ली से अजय माकन, चांदनी चौक से जे.पी. अग्रवाल, पूर्वी दिल्ली से अरविंदर सिंह लवली और उत्तरी दिल्ली से राजेश लिलोथिया को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं पश्चिमी दिल्ली से महाबल मिश्रा को कांग्रेस ने टिकट दिया है ।

दक्षिणी दिल्ली सीट पर कांग्रेस ने अभी तक अपने प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है ।

किनसे होगी इनकी टक्कर

चांदनी चौक से बीजेपी के डॉ हर्षवर्धन कांग्रेस के जय प्रकाश अग्रवाल को टक्कर दे रहे हैं तो आम आदमी पार्टी ने इस सीट से पंकज गुप्ता पर भरोसा जताया है।

‘आप’ के साथ गठबंधन से कांग्रेस का इनकार

नॉर्थ ईस्ट दिल्ली लोकसभा सीट से शीला दीक्षित का मुकाबला बीजेपी से दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, आम आदमी पार्टी से दिलीप पांडे से है।

उत्तर पश्चिम दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के राजेश लिलोथिया का मुकाबला आम आदमी पार्टी के गगन सिंह रंगा से है । बीजेपी ने अभी तक यहां से अपने उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है । पिछले लोकसभा चुनाव में इस सीट से बीजेपी के उदित राज को जीत हासिल हुई थी ।

नई दिल्ली सीट से कांग्रेस के अजय माकन एक बार फिर अपनी किस्मत आजमाएंगे। अभी तक बीजेपी ने इस सीट पर अपने प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है । 2014 में यहां से बीजेपी के मीनाक्षी लेखी ने चुनाव जीता था जबकि अजय माकन तीसरे स्थान पर रहे थे ।

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस के घोषणापत्र की अहम बातें

पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस के अरविंदर सिंह लवली का मुकाबला आम आदमी पार्टी की अतिशी मारलेना वाही से है। बीजेपी ने अभी तक उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है । इस सीट से 2014 में बीजेपी के महेश गिरी ने जीत हासिल की थी ।

पश्चिमी दिल्ली से कांग्रेस ने एक बार फिर महाबल मिश्रा पर ही भरोसा जताया है। इस सीट से बीजेपी के टिकट पर परवेश वर्मा और आम आदमी पार्टी के टिकट पर बलबीर सिंह जाखड़ चुनाव लड़ रहे हैं । 2014 में परवेश वर्मा ने इस सीट पर तीन लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी । आम आदमी पार्टी के जरनैल सिंह दूसरे और महाबल मिश्रा तीसरे स्थान पर रहे थे । 2009 में सांसद चुने गए महाबल मिश्र को 2014 में महज 14 फीसदी वोट मिल पाए थे ।