सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी हार्दिक पटेल को राहत, नहीं लड़ पाएंगे चुनाव

हार्दिक पटेल

नई दिल्ली । पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की याचिका पर जल्द सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। 2015 में एक दंगे के मामले में दोषी करार दिए गए पटेल ने सुप्रीम कोर्ट  में फैसले के खिलाफ याचिका दी थी । सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अरुण मिश्रा की अगुआई वाली पीठ ने हार्दिक पटेल की याचिका पर जल्दी सुनवाई से इनकार कर दिया है ।

हार्दिक पटेल को मेहसाणा की अदालत ने पटेल आंदोलन के दौरान आगजनी और दंगे का दोषी करार दिया था और जुलाई 2018 में दो साल के कैद की सज़ा सुनाई थी । इस सज़ा की वजह से हार्दिक पटेल 2019 लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे ।

इस सज़ा के खिलाफ हार्दिक पटेल ने गुजरात की हाईकोर्ट अपील की थी और कहा था कि अगर वो लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे तो उन्हें काफी नुकसान होगा । गुजरात हाईकोर्ट ने पटेल की याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद हार्दिक पटेल ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था ।

सुप्रीम कोर्ट में हार्दिक पटेल ने अपील की थी कि दंगे के मामले में सज़ा पर रोक लगा दी जाए, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है ।

जनप्रतिनिधि अधिनियम, 1951 के मुताबिक, हार्दिक पटेल अपनी सजा के कारण इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इस कानून के तहत दो साल या इससे अधिक की सजा पाए नेताओं को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं है।

पाटीदार नेता हार्दिक पटेल 12 मार्च को कांग्रेस में शामिल हुए हैं और कांग्रेस के टिकट पर गुजरात के जामनगर सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं ।

लोकसभा चुनाव इस बार 11 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं । गुजरात की सभी 26 लोकसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होनी है । इसके लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और नामांकन की आखिरी तारीख 4 अप्रैल है ।