सुप्रीम कोर्ट ने नागेश्वर राव की नियुक्ति मामले में दखल देने से किया इनकार

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो के अंतरिम निदेशक के तौर पर एम.नागेश्वर राव की पूर्व में की गई नियुक्ति में दखल देने से इनकार कर दिया। सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में दखल देने से इनकार ऐसे समय में किया है जब सीबीआई निदेशक की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है।

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की पीठ ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कोई भी निर्देश देने से भी इनकार कर दिया।

गैर सरकारी संगठन ‘कॉमन कॉज’ और आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज ने नागेश्वर राव की नियुक्ति पर आपत्ति जताई है । केंद्र सरकार ने सीबीआई के अंतरिम निदेशक के पद पर नागेश्वर राव की नियुक्ति की है । 

सीबीआई के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा के 10 जनवरी को पद से हटाए जाने के बाद नागेश्वर राव की दो बार सीबीआई के अंतरिम निदेशक के रूप में नियुक्ति की गई थी।

एनजीओ ने इस नियुक्ति को दिल्ली पुलिस विशेष प्रतिष्ठान अधिनियम और आलोक वर्मा व विनीत नारायण मामले में शीर्ष अदालत के फैसले का उल्लंघन करार दिया है। ये वही आदेश है जिसके तहत पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली समिति ने आलोक वर्मा को भ्रष्टाचार और कर्तव्य की उपेक्षा के आरोप में सीबीआई प्रमुख पद से हटा दिया था।

1983 बैच के आईपीएस अधिकारी ऋषि कुमार शुक्ला ने चार फरवरी को निदेशक के तौर पर सीबीआई का प्रभार संभाला था।

आईएएनएस इनपुट के साथ