स्वच्छ भारत मिशन में अब कचरा प्रबंधन पर होगा जोर

swachh-bharat-abhiyan-logo

नई दिल्ली स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरकार अब ठोस कचरे के प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है।  ऐसा देश में साफ-सफाई के स्तर को बढ़ाने, पूरे देश को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) बनाने के मकसद से किया जा रहा है।

कचरा प्रबंधन के साथ साथ पीने के पानी के लिए बड़ी धनराशि आवंटित होने की भी उम्मीद है।

हालांकि इस बार वित्त मंत्रालय ने स्वच्छ भारत मिशन के आवंटन में कमी की है क्योंकि यह मिशन दो अक्टूबर, 2018 तक अपने ज्यादातर लक्ष्य को पूरा  कर चुका है । मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक यह मिशन अब एक क्लस्टर सिस्टम के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) पर काम करेगा।

हमने पांच ट्रिलियन इकॉनमी की दिशा दिखाई है : मोदी

यह मिशन मोदी सरकार ने 2014 में शुरू किया था। इस अभियान का मकसद देश को दो अक्टूबर, 2019 तक खुले में शौच मुक्त बनाना है। मिशन के तहत ग्रामीण भारत में 1.96 लाख करोड़ रुपये की लागत से कुल नौ करोड़ शौचालयों का निर्माण करना है। इनमें से ज्यादातक शौचालय बनाए जा चुके हैं। शहरों में भी बड़े स्तर पर शौचालय का निर्माण किया गया है। सरकार की तरफ से तय किए लक्ष्य में करीब 90 फीसदी काम किया जा चुका है। इसके बाद सरकार सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर काम करेगी।

2019-20 के लिए स्वच्छ भारत अभियान के आवंटन में 25 फीसदी की गिरावट आई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 100 फीसदी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के मिशन के विस्तार के प्रस्ताव का ऐलान किया था ।

चालू वर्ष में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए आवंटित 12,644 करोड़ रुपये का बजट 2018-19 के संशोधित अनुमान से लगभग 4,334 करोड़ रुपये कम है।

निर्मला सीतारमण ने पेश किया बजट, जानिए अहम बातें

बजट में स्वच्छ भारत मिशन के विस्तार का प्रस्ताव

सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा था कि अब ‘स्वच्छ भारत’ का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा था, “मैंने अब स्वच्छ भारत मिशन का विस्तार करने का प्रस्ताव किया है ताकि हर गांव में स्थायी ठोस कचरा प्रबंधन किया जा सके।”

स्वच्छ भारत अभियान ने शानदार सफलता हासिल की है क्योंकि 2 अक्टूबर 2014 से 9.6 करोड़ शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। उन्होंने कहा, “5.6 लाख से अधिक गांव ओडीएफ हो गए हैं। हमें इस सफलता को आगे बढ़ाना होगा। हमें न केवल लोगों में देखे जाने वाले व्यवहार परिवर्तन को बनाए रखना चाहिए, बल्कि कचरे को ऊर्जा में बदलने के लिए उपलब्ध नवीनतम तकनीकों का भी उपयोग करना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “मैं हर गांव में सतत ठोस कचरा प्रबंधन के लिए स्वच्छ भारत मिशन का विस्तार करने का प्रस्ताव करती हूं।”

देश में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एक बड़ी चुनौती रहा है। भारत में इसका मैनेजमेंट अनौपचारिक क्षेत्र के ज़िम्मे है। ऐसे में इस दिशा में बड़े पैमाने पर काम किए जाने की ज़रूरत है। सरकार अब इस दिशा में योजनाएं बना रही है।