हिरासत में ली गईं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी

Priyanka on DharnaPhoto Credit: Twitter Congress

मिर्जापुर। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को ज़िला प्रशासन में हिरासत में ले लिया गया है। प्रियंका सोनभद्र में हुए नरसंहार के पीड़ितों से मिलने जा रही थीं। हिरासत में लेने के बाद उन्हें पास के चुनार के एक गेस्ट हाउस ले जाया गया। इससे पहले प्रियंका गांधी वाराणसी के बीएचयू कैंपस में बने ट्रॉमा सेंटर भी गई थीं। घायलों से मुलाकात के बाद जैसे ही प्रियंका का काफिला मिर्जापुर के रास्ते सोनभद्र के लिए रवाना हुआ, वैसे ही नारायणपुर के पास उनको रोक दिया गया। रोकने के विरोध में प्रियंका और कांग्रेसी नेता मौके पर ही धरने पर बैठ गए।

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प्रियंका गांधी को हिरासत में लेने के दौरान डीएम वाराणसी और एसएसपी वाराणसी मौके पर पहुंच गए। मिजार्पुर जिले के चुनार के एसडीएम प्रियंका को अपनी गाड़ी में बिठा कर चुनार ले गए। वहीं, अजय राय को सीओ अपनी गाड़ी में बैठा कर चुनार ले गए। प्रियंका गांधी और अजय राय को चुनार किले के गेस्ट हाउस में छोड़ दिया गया।

काफिला रोके जाने पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि वह बस सोनभद्र फायरिंग मामले में पीड़ितों के परिवारवालों से मिलना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि उनके साथ सिर्फ 4 लोग ही जाएंगे। फिर भी प्रशासन ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया। ऐसे में प्रियंका गांधी ने सवाल किया कि हमें क्यों रोका जा रहा है, इसका कारण बताया जाए? हम यहां शांति से बैठे रहेंगे।

सोनभद्र नरसंहार कांड के घायलों से मिलीं प्रियंका गांधी

इससे पहले, कांग्रेस महासचिव बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर पहुंची थी। उनके पहुंचने से पहले ट्रामा सेंटर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।

प्रियंका ने कहा कि, उन्होंने घायल दिनेश को देखा और उससे चोट लगने के बारे में पूछा, हालांकि दिनेश ने अपनी चोट नहीं दिखाई, जिसके बाद प्रियंका ने दिनेश के पिता से उसका हालचाल लिया और इलाज के बारे में पूछा।

उसके बाद प्रियंका ने घायल जयप्रकाश के पिता संतलाल को सांत्वना देते हुए कहा कि घबराइए मत, यह जल्द ही ठीक हो जाएगा। लेकिन, जैसे ही संतलाल ने अपनी घायल पत्नी सुखवंती की ओर इशारा किया वह भावुक हो गए।

प्रियंका ने घायलों से उनकी पूरी मदद करने की बात कही। इसके साथ ही प्रियंका ने घायल महेंद्र के भाई नंदलाल से भी हालचाल पूछा और इलाज के बारे में जानकारी ली।

इसके बाद सोनभद्र जाने के लिए उनका काफिला रवाना हुआ, लेकिन मिजार्पुर जिले के नारायणपुर में कमिश्नर मिजार्पुर के निर्देश पर प्रियंका गांधी का काफिला रोक दिया गया। इसके बाद वह नारायणपुर पुलिस चौकी के सामने ही सड़क पर धरने पर बैठ गई।

ज़मीन विवाद में हुआ था नरसंहार

सोनभद्र जिले के घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में भूमि विवाद को लेकर गोलीबारी हुई थी जिसमें 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 24 से ज्यादा लोग घायल हैं। इस मामले में मुख्य आरोपी समेत अभी तक 27 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है । ग्राम प्रधान और उसके भतीजे समेत इस  मामले में 78 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, जिसमें 50 अज्ञात हैं।

डीएम ने माहौल बिगड़ने की आशंका से जिले में धारा 144 लागू कर दी है।