28वीं बरसी पर राजीव गांधी को दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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नई दिल्ली।  पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 28वीं बरसी के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी तमाम दिग्गज नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यानि यूपीए की अध्यक्ष और स्वर्गीय राजीव गांधी की पत्नी सोनिया गांधी ने राजीव गांधी की समाधि वीर भूमि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी अपनी मां के साथ इस मौके पर मौजूद थे।

इस दौरान कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने भी वीर भूमि पर राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर राजीव गांधी को याद किया और श्रद्धांजलि दी। लोकसभा चुनावों के प्रचार के दौरान राजीव गांधी के खिलाफ अपनी टिप्पणी के लिए नरेंद्र मोदी को आलोचना झेलनी पड़ी थी। मोदी ने ट्वीट किया, “पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी की बरसी पर उन्हें श्रद्धांजलि।”

वीर भूमि जाने के बाद राहुल गांधी ने ट्विटर पर अपने पिता को करते हुए लिखा कि उन्होंने नफरत नहीं करने और प्यार करने की सीख दी ।

प्रियंका गांधी ने हरिवंशराय बच्चन की एक कविता के साथ अपने पिता को याद किया। प्रियंका ने अपने पिता के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए ट्विटर पर लिखा ‘आप हमेशा मेरे हीरो रहेंगे’

ममता बनर्जी ने भी दी श्रद्धांजलि

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी दिवंगत नेता को याद करते हुए कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की बरसी पर उन्हें बहुत सत्यनिष्ठा से याद कर रही हूं।”

ओवरसीज कांग्रेस प्रमुख सैम पित्रोदा ने लगातार कई ट्वीट कर कहा, “आज इस महान नेता को श्रद्धांजलि देने का दिन है जिन्होंने 21वीं सदी के भारत का सपना देखा और साथ ही देश के लिए योगदान को याद करने का दिन है।”

पित्रोदा ने उनके साथ प्रौद्योगिकी मिशनों पर सलाहकार के तौर पर काम किया था।

राजीव गांधी की हत्या एक रैली के दौरान 21 मई, 1991 को कर दी गई थी । लिट्टे की एक आत्मघाती हमलावर ने तमिलनाडु के श्रीपेरुंबुदूर में उनके पैर छूने का बहाना कर अपनी कमर में बांधे गए बम से विस्फोट कर दिया था।

भारत के छठे प्रधानमंत्री के तौर पर राजीव गांधी ने 1984 से 1991 तक देश की कमान संभाली थी। उन्होंने साल की उम्र में अपनी मां, प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद प्रधानमंत्री का पद संभाला था, और इसके साथ ही वे देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गए थे।